
राजू बैरागी 9977480626

नरसिंहगढ़ – सुबह श्रद्धालु महापर्व में शामिल हुऐं इस मौके पर युग तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के मार्ग-दर्शन में गायत्री शक्तिपीठ में पंच कुण्डीय यज्ञ और धार्मिक आयोजन सम्पन्न इस कार्यक्रम सुबह छः से आठ बजे ध्यान योग जाप आठ से दस बजे पंचकुंडीय यज्ञं व विविध संस्कार सम्पन्न हुये ।।
सायं छः से सात बजे दीपयज्ञ व आरती सायं 7बजे मां भगवती सम्मान समारोह ब्रह्मावादिनी बहनों द्वारा चालीसा पाठ व युग निर्माण सन्देश उद्बोधन युग संगीत हुआ आठ बजे महाप्रसादी भोजन प्रसादी हुई।। कार्यक्रम की बेला में माँ भगवती सम्मान समारोह रखा गया जिसमें जिले की नरसिंहगढ़ की मेधावी छात्राओं व उत्कृष्ट बेटी का सम्मान किया गया मेधावी छात्राओं में श्री पालीवाल,हर्षिता कुशवाह व उर्वशी नामदेव को उत्कृष्ट छात्रा के रूप में अभिनन्दन पत्र देकर सम्मानित किया गया जो नरसिंहगढ़ गायत्री शक्तिपीठ नरसिंहगढ पाटन वाले बाग सम्पन्न हुआ ।।
एक साथ मातृशक्ति नव मातृ शिशु द्वारा मंच से गायत्री चालीसा भजनों संगीतमयी लम्बे समय तक पाठ हुआ जिसमें मंच व गायत्री परिवार द्वारा व श्रद्धालुओं के गायन-वादन से एक साथ स्वर समां बांधा गया ।।
ये रहे शामिल नरसिंहगढ़ मां गायत्री परिवार मुख्य ट्रस्टी सूरज उपाध्याय, भूपेंद्र मिश्रा,मंगला मिश्रा,वैशाली वैघ, नीरज गुप्ता,ओपी चौहान,अरूण शर्मा,पवन वैष्णव,श्याम बिहारी श्रीवास्तव,नितिन उदावत,अमित बंधु,ईश्वर शर्मा,विनोद शर्मा,मोनू शर्मा, सहित शामिल रहे एक साथ गायत्री चालीसा,आरती व युग संगीत का आयोजन रश्मि भार्गव वशिष्ठ के मार्ग दर्शन में सम्पन्न हुआ युवा पीढ़ी ब्रह्मवाहिनी बहनें नन्दिनी पंवार,अनुरिमा भार्गव,अनिता उमठ,उर्वशी नामदेव,नेहा सोनी,पूजा सोनी,तनिशा हाड़ा,अनिरुद्ध वैष्णव,मिष्टी सोनी,भुमिका झाला,पलक बैरागी,आरती विश्वकर्मा,प्रिया शर्मा,परम शर्मा,राम सोनी आदि द्वारा संगीतबद्ध चालीसा,आरती व युगसंगीत का गायन वादन किया गया ।।
मां गायत्री शक्तिपीठ दीपयज्ञ के सुन्दर दीपों सजा मन्दिर एक एक हिस्सा रंगोली बने शिवाजी कैलाश पर्वत रंगोली गायत्री परिवार के मनोज सोनी व ब्रह्मवादिनी बहनों द्वारा बनायी गयी मन्दिर पूरी तरह विद्युत लाईटिंग सजावट मन्दिर फूलों की सजावट जहां मन्त्रों के साथ जलसिंचन विधि मंत्रोचार हवन संस्कार कराये गये ।।साथ ही कार्यक्रम देश की सेनाओ को समर्पित रहा, इस कार्यक्रम मे देश के जवानो के शौर्य को याद किया और आपरेशन सिंदूर की प्रशंसा की गयी ।।











