
धनबाद: बीजेपी के धनबाद से सांसद ढुल्लू महतो को बाघमारा के चिटाही धाम रामराज मंदिर से जुड़े बहुचर्चित जमीन विवाद मामले में बड़ी राहत मिली है. एमपी-एमएलए विशेष अदालत (एडीजे-16) ने शनिवार को उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया. अदालत ने साक्ष्य के अभाव में यह फैसला सुनाया.
रामराज मंदिर के पास दुकान को लेकर था विवाद
मामला बाघमारा विधानसभा के चिटाही धाम रामराज मंदिर परिसर में दुकान लगाने को लेकर था. स्थानीय निवासी डोमन महतो ने सांसद ढुल्लू महतो पर मंदिर के सामने दुकान लगाने से रोकने और जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए बरोरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. यह मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था. शनिवार को विशेष न्यायिक दंडाधिकारी दुर्गेश अवस्थी की अदालत में सुनवाई के बाद ढुल्लू महतो को बरी करने का आदेश दिया गया.
अधिवक्ता और सांसद का बयान
शिकायतकर्ता ने माना, बहकावे में दर्ज कराई थी प्राथमिकी
सांसद ढुल्लू महतो के अधिवक्ता राधेश्याम गोस्वामी ने बताया कि रामराज मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा था, जब कुछ लोगों के उकसावे में डोमन महतो ने सांसद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. बाद में शिकायतकर्ता ने अदालत में स्वीकार किया कि उन्होंने बहकावे में आकर यह कदम उठाया था. अदालत ने इस बयान और साक्ष्य के अभाव को आधार मानकर ढुल्लू महतो को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया.
“न्यायपालिका पर था भरोसा, सच्चाई की जीत हुई”
फैसले के बाद सांसद ढुल्लू महतो ने कहा, “मुझे न्यायपालिका पर शुरू से पूरा भरोसा था. मेरे खिलाफ राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था. आज सच्चाई की जीत हुई है, और मैं इसके लिए अदालत का आभार प्रकट करता हूं.” इस फैसले के बाद सांसद के समर्थकों और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल देखा गया.
पिछले विवाद और कोर्ट के फैसले
गौरतलब है कि यह मामला 2020 में दर्ज बरोरा थाना कांड संख्या 11/20 से संबंधित है, जिसमें ढुल्लू महतो और अन्य पर मारपीट, छेड़खानी और आपराधिक धमकी जैसे आरोप लगाए गए थे. इससे पहले भी ढुल्लू महतो कई मामलों में बरी हो चुके हैं, जिसमें 2025 में एक अन्य मामले में उनके भाई और बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो सहित अन्य को भी साक्ष्य के अभाव में बरी किया गया था.





