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मंडला MP हेमंत नायक महाराजपुर
प्रत्येक जनजातीय समुदाय को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने दिया गया प्रशिक्षण
मण्डला। जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देशभर में संचालित **आदि कर्मयोगी अभियान – रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस प्रोग्राम** के अंतर्गत ब्लॉक मंडला में दो दिवसीय ब्लॉक प्रोसेस लैब कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह कार्यशाला जिला कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री श्रेयांश कुमट के निर्देशानुसार आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाकर उन्हें शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना था।
इस कार्यशाला का आयोजन ब्लॉक मंडला के 72 पीएम जनमन एवं धरती आबा ग्रामों के लिए किया गया। कार्यशाला विकासखंड मंडला के पांच क्लस्टर – **मलारा, मानादेई, जन्तीपुर, फूलसागर एवं पौंडी माल** में आयोजित हुई, जिसमें 8 विभागों के प्रतिनिधि एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इन विभागों में वन विभाग, ग्रामीण पंचायत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पीएचई विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, गैर सरकारी संगठन (NGO) तथा अन्य संस्थान शामिल रहे।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को जनजातीय विकास और परिवर्तन से जुड़ी विभिन्न रणनीतियों एवं योजनाओं की गहन जानकारी दी गई। उन्हें यह भी सिखाया गया कि ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर प्रशिक्षण के दौरान किस प्रकार की विधियों का उपयोग कर लोगों को योजनाओं की जानकारी प्रभावी तरीके से दी जा सकती है।
प्रशिक्षण को अधिक रोचक बनाने के लिए **खेल, नाटक, प्रस्तुतिकरण एवं फिल्म प्रदर्शन** जैसे माध्यमों का उपयोग किया गया। ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री जनमन, धरती आबा, जनजातीय कल्याण, आर्थिक कल्याण एवं स्वरोजगार जैसी प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही यह समझाया गया कि जनजातीय समुदाय इन योजनाओं तक अपनी पहुंच कैसे बढ़ा सकते हैं तथा विभिन्न विभागों के समन्वय से उन्हें अधिक से अधिक लाभ कैसे दिलाया जा सकता है।
कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों ने **आदि कर्मयोगी शपथ** ली तथा उन्हें प्रशिक्षण पूर्ण होने के प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स श्री बी.पी. मेश्राम, श्री उमा गणेश लोधी, श्री धनीराम मरावी, श्री शाहमेंन भवेदी, श्री खेमा राज मलगाम, श्रीमती सुमन बाला ठाकुर सहित 72 ग्रामों से आए प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने इस कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी बताया और भविष्य में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अधिक आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।











