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*दाहोद कलेक्टर योगेश निरगुडे की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत एक बैठक आयोजित की गई

देश के 100 जिलों का चयन प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत किया गया है, जिनमें दाहोद जिला सहित गुजरात के 4 जिले शामिल हैं।* दाहोद जिला सेवा भवन में कलेक्टर योगेश निरगुडे की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत एक बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिला विकास अधिकारी स्मित लोढ़ा, निवासी अपर कलेक्टर जे.एम. रावल, जिला कृषि अधिकारी पथिक दवे, प्रांतीय अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। जिसमें इस योजना के क्रियान्वयन हेतु एक *जिला धन-धान्य कृषि समिति* का गठन किया गया। इस संबंध में कलेक्टर ने सभी संबंधित क्रियान्वयन अधिकारियों को इस योजना के सुचारू क्रियान्वयन हेतु निर्देश दिए। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत तीन मुख्य कारकों का चयन किया गया है। 1) कम उत्पादन दर 2) मध्यम फसल सघनता 3) सामान्य स्तर से कम ऋण प्राप्त करने की क्षमता जिसमें गुजरात के कुल 4 (चार) जिलों का चयन किया गया है, जिनमें कच्छ, दाहोद, छोटा उदेपुर, पंचमहल शामिल हैं। इस बैठक के दौरान जिला कृषि अधिकारी श्री पथिक दवे ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का परिचय देते हुए बताया कि इस *योजना में कृषि एवं कृषि से संबंधित विभिन्न 11 विभागों की कुल 36 योजनाओं से संबंधित कुल 73 संकेतकों की हर महीने समीक्षा की जाएगी।* जिसमें जिले के कृषि, बागवानी, आत्मा, सहकारिता, पशुपालन, नाबार्ड, कृषि विज्ञान केंद्र, ग्रामीण विकास एवं मत्स्य विभाग की भूमिका प्रमुख होगी। प्रधानमंत्री धन धन्य कृषि योजना का मुख्य उद्देश्य जिले में कृषि एवं उससे संबंधित गतिविधियों के माध्यम से सतत विकास, प्राकृतिक/जैविक खेती का विस्तार, जल एवं मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण, वैज्ञानिक खेती, किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादन में वृद्धि तथा दीर्घकालीन एवं अल्पकालीन ऋण की सुगम उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल करना है। इस हेतु संबंधित विभाग द्वारा जिला कार्य योजना तैयार कर राज्य सरकार के संबंधित विभागों को भेजी जाएगी, जिसमें भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य शामिल होंगे, ताकि संबंधित योजनाओं की वार्षिक कार्ययोजना में इसे शामिल किया जा सके। योजना के लक्ष्यों को डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाएगा, जिसे केंद्रीय स्तर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा नीति आयोग के साथ साझेदारी में तैयार किया जाएगा।*दाहोद कलेक्टर योगेश निरगुडे की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत एक बैठक आयोजित की गई दाहोद जिले से रिपोर्टर कुलदीप उपाध्याय की रिपोर्ट 9265355241

दाहोद कलेक्टर योगेश निरगुडे की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत एक बैठक आयोजित की गई*

 

*देश के 100 जिलों का चयन प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत किया गया है, जिनमें दाहोद जिला सहित गुजरात के 4 जिले शामिल हैं।*

 

दाहोद जिला सेवा भवन में कलेक्टर योगेश निरगुडे की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत एक बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिला विकास अधिकारी स्मित लोढ़ा, निवासी अपर कलेक्टर जे.एम. रावल, जिला कृषि अधिकारी पथिक दवे, प्रांतीय अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। जिसमें इस योजना के क्रियान्वयन हेतु एक *जिला धन-धान्य कृषि समिति* का गठन किया गया। इस संबंध में कलेक्टर ने सभी संबंधित क्रियान्वयन अधिकारियों को इस योजना के सुचारू क्रियान्वयन हेतु निर्देश दिए।

 

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत तीन मुख्य कारकों का चयन किया गया है।

 

1) कम उत्पादन दर

2) मध्यम फसल सघनता

3) सामान्य स्तर से कम ऋण प्राप्त करने की क्षमता

जिसमें गुजरात के कुल 4 (चार) जिलों का चयन किया गया है, जिनमें कच्छ, दाहोद, छोटा उदेपुर, पंचमहल शामिल हैं।

 

इस बैठक के दौरान जिला कृषि अधिकारी श्री पथिक दवे ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का परिचय देते हुए बताया कि इस *योजना में कृषि एवं कृषि से संबंधित विभिन्न 11 विभागों की कुल 36 योजनाओं से संबंधित कुल 73 संकेतकों की हर महीने समीक्षा की जाएगी।* जिसमें जिले के कृषि, बागवानी, आत्मा, सहकारिता, पशुपालन, नाबार्ड, कृषि विज्ञान केंद्र, ग्रामीण विकास एवं मत्स्य विभाग की भूमिका प्रमुख होगी।

प्रधानमंत्री धन धन्य कृषि योजना का मुख्य उद्देश्य जिले में कृषि एवं उससे संबंधित गतिविधियों के माध्यम से सतत विकास, प्राकृतिक/जैविक खेती का विस्तार, जल एवं मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण, वैज्ञानिक खेती, किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादन में वृद्धि तथा दीर्घकालीन एवं अल्पकालीन ऋण की सुगम उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल करना है। इस हेतु संबंधित विभाग द्वारा जिला कार्य योजना तैयार कर राज्य सरकार के संबंधित विभागों को भेजी जाएगी, जिसमें भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य शामिल होंगे, ताकि संबंधित योजनाओं की वार्षिक कार्ययोजना में इसे शामिल किया जा सके। योजना के लक्ष्यों को डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाएगा, जिसे केंद्रीय स्तर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा नीति आयोग के साथ साझेदारी में तैयार किया जाएगा।*दाहोद कलेक्टर योगेश निरगुडे की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत एक बैठक आयोजित की गई

 

 

 

 

दाहोद जिले से रिपोर्टर कुलदीप उपाध्याय की रि

*दाहोद कलेक्टर योगेश निरगुडे की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत एक बैठक आयोजित की गई*
*देश के 100 जिलों का चयन प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत किया गया है, जिनमें दाहोद जिला सहित गुजरात के 4 जिले शामिल हैं।*
दाहोद जिला सेवा भवन में कलेक्टर योगेश निरगुडे की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत एक बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिला विकास अधिकारी स्मित लोढ़ा, निवासी अपर कलेक्टर जे.एम. रावल, जिला कृषि अधिकारी पथिक दवे, प्रांतीय अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। जिसमें इस योजना के क्रियान्वयन हेतु एक *जिला धन-धान्य कृषि समिति* का गठन किया गया। इस संबंध में कलेक्टर ने सभी संबंधित क्रियान्वयन अधिकारियों को इस योजना के सुचारू क्रियान्वयन हेतु निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत तीन मुख्य कारकों का चयन किया गया है।
1) कम उत्पादन दर
2) मध्यम फसल सघनता
3) सामान्य स्तर से कम ऋण प्राप्त करने की क्षमता
जिसमें गुजरात के कुल 4 (चार) जिलों का चयन किया गया है, जिनमें कच्छ, दाहोद, छोटा उदेपुर, पंचमहल शामिल हैं।
इस बैठक के दौरान जिला कृषि अधिकारी श्री पथिक दवे ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का परिचय देते हुए बताया कि इस *योजना में कृषि एवं कृषि से संबंधित विभिन्न 11 विभागों की कुल 36 योजनाओं से संबंधित कुल 73 संकेतकों की हर महीने समीक्षा की जाएगी।* जिसमें जिले के कृषि, बागवानी, आत्मा, सहकारिता, पशुपालन, नाबार्ड, कृषि विज्ञान केंद्र, ग्रामीण विकास एवं मत्स्य विभाग की भूमिका प्रमुख होगी।
प्रधानमंत्री धन धन्य कृषि योजना का मुख्य उद्देश्य जिले में कृषि एवं उससे संबंधित गतिविधियों के माध्यम से सतत विकास, प्राकृतिक/जैविक खेती का विस्तार, जल एवं मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण, वैज्ञानिक खेती, किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादन में वृद्धि तथा दीर्घकालीन एवं अल्पकालीन ऋण की सुगम उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल करना है। इस हेतु संबंधित विभाग द्वारा जिला कार्य योजना तैयार कर राज्य सरकार के संबंधित विभागों को भेजी जाएगी, जिसमें भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य शामिल होंगे, ताकि संबंधित योजनाओं की वार्षिक कार्ययोजना में इसे शामिल किया जा सके। योजना के लक्ष्यों को डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाएगा, जिसे केंद्रीय स्तर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा नीति आयोग के साथ साझेदारी में तैयार किया जाएगा।*दाहोद कलेक्टर योगेश निरगुडे की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत एक बैठक आयोजित की गई
दाहोद जिले से रिपोर्टर कुलदीप उपाध्याय की रिपोर्ट
9265355241

 

 

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KULDEEP K UPADHAYAY DAHOD GUJARAT

NAME KULDEEP UPADHYAY DAHOD DISTRICT BEAURO CHIEF VANDE BHARAT NEWS LIVE TV
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