
100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ दरभंगा में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। बाल विवाह केवल एक पारंपरिक सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि यह बच्चों के जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर गहरा दुष्प्रभाव छोड़ने वाला अपराध है। ऐसे में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार तथा महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार द्वारा शुरू किए गए इस राष्ट्रीय अभियान की सफलता जन-सहभागिता पर निर्भर करेगी।
दरभंगा समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार की अध्यक्षता में हुए शपथ ग्रहण कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि प्रशासन और समाज दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि किसी भी रूप में बाल विवाह को होने न दिया जाए। जिलाधिकारी द्वारा दिया गया यह वक्तव्य कि “बालक-बालिकाएँ जागरूक होकर समाज में परिवर्तन ला सकती हैं और बाल विवाह मुक्त भारत के निर्माण में योगदान दे सकती हैं” न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि भविष्य की दिशा भी निर्धारित करता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी पदाधिकारियों ने यह संकल्प लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नींव रखी कि वे अपने स्तर से बाल विवाह रोकने में सक्रिय भागीदारी निभाएँगे, जागरूकता फैलाएँगे और समानता-आधारित सुरक्षित समाज के निर्माण में सहयोग करेंगे। ऐसे प्रयास तब ही सफल होंगे, जब हर नागरिक इसे व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझे। दरभंगा जिले से उठी यह प्रतिबद्धता पूरे बिहार और देश के लिए एक प्रेरक उदाहरण सर्वथा प्रस्तुत करती है।







