।। थानेदार छावनी जनार्दन प्रसाद लूट को मारपीट बता कर फाइलें ठंडी करने में व्यस्त।।
।। कस्बे में चर्चा घटनाएं दबाने में छावनी थानेदार जनार्दन प्रसाद को है खास महारत।।
अजीत मिश्रा (खोजी)
06 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश।
छावनी – बस्ती ।। अपराध कम नहीं, आंकड़े दबाकर चमकाई जा रही है थानेदार कुर्सी, जनता हैरान। कस्बे में चर्चा घटनाएं दबाने में छावनी थानेदार जनार्दन प्रसाद को है खास महारत। पैकोलिया के बाद छावनी में पिटाई व लूट, पुलिस की नींद उड़ाने वाली वारदात। थानेदार छावनी जनार्दन प्रसाद लूट को मारपीट बता कर फाइलें ठंडी करने में व्यस्त।
🔥 शादी में आया युवक बना बदमाशों का निशाना, कस्बे में दहशत का बना माहौल।
हरिराज मैरिज हॉल के पास युवक को जबरिया गाड़ी में भरकर बेरहमी से पीटा। पिटाई के बाद बदमाशों ने गहने सामान लूटा, घायल को सड़क पर फेंककर फरार। अयोध्या जनपद के गद्दोपुर का निवासी है पीड़ित, शादी में आया था छावनी क्षेत्र।खून से सना युवक देख भीड़ हुई स्तब्ध, वीडियो वायरल पुलिस की किरकिरी। FIR न होने से थानेदार पर गंभीर सवाल, पीड़ित की पुकार पूरी तरह बेअसर।
112 पीआरवी ने बचाया, मगर थानेदार की भूमिका पर खड़े हो रहे कई सवाल। लोगों की माने कानून-व्यवस्था भगवान भरोसे, SO का सिर्फ खुशामद पर फोकस।
छावनी थानेदार पर बड़ा सवाल, चोरी-लूट की नहीं दर्ज करते FIR। रामजानकी तिराहा पर पुलिस बूथ के सामने गुमटी का टूटा ताला।थाने से महज़ 4 सौ मीटर दूर चोरी, खुलासा तो दूर नहीं लिखा FIR । पीड़ित सुबह अखबार बांटे, दिन में चलाए गुमटी में नाई की दुकान। अखबार की सुर्खियाँ बांटने वाला खुद बन गया है आज की सुर्खी।थानेदार जनार्दन प्रसाद विटामिन-एम कार्रवाई में ही दिखते हैं सक्रिय।
🔥 थानेदार ने चोरी और लूट की घटना में अब तक नहीं दर्ज किया FIR ।
चोरी के पूर्व मौसी की शादी में आया युवक बना बदमाशों का शिकार। हरिराज मैरिज हॉल के पास अज्ञात युवकों ने बेरहमी से पीटा। खून से लथपथ युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल। चोरी लूट पचाने में माहिर SO जनार्दन पर उठ रही कार्यवाही की मांग।
छावनी थाने में चल रही है पीछे-पीछे पुलिसिंग की अनोखी कहानी। थानेदार जनार्दन प्रसाद की सभा सजाते हैं नायब दरोगा सभाजीत मिश्रा । आरोप थानेदार अपनी सरकारी गाड़ी में बैठकर करवाते हैं दिनभर की लिखा-पढ़ी। तैनाती आमोढा चौकी पर, मगर मिश्रा दिखते हैं थाने या थानेदार की गाड़ी में ही। पुलिस सूत्रों का दावा अधिकतर पर्चे थानेदार की जगह सभाजीत ही है काटते।
💫 चौकी पर ताला, चौकी प्रभारी थाने में जनता पूछे, आखिर चौकी कौन रहा है चला?
चौकी पर सन्नाटा, अधिकारी फील्ड से ज्यादा फॉलो मोड में आते हैं नजर। चौकी की तैनाती सिर्फ कागजों में जमीन पर गायब चौकी प्रभारी की जिम्मेदारी। जिले ताबड़तोड़ कई नई चौकियां बनीं, मगर प्रभारी अब भी ज्यादातर नदारद। सवाल उठ रहा फिर क्यों नहीं ऐसे दरोगाओं की तैनाती बदल दी जाती। जिम्मेदारियां छोड़, सिर्फ दिखावे की ड्यूटी से जनता हो रही काफी परेशान। उठ रहे सवाल जब चौकियां प्रभारी विहीन, तो सुरक्षा कौन संभाले?




















