A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरे

एग्री स्टेक से नाम हटाने को लेकर भटक रहे है किसान तहसीलदार पचपेड़ी नीलम सिंह पिस्दा रहते है नदारत

 

बिलासपुर जिला  से संतनु कुमार कुर्रे  की रिपोर्ट

मस्तूरी/पचपेड़ी–मिली जानकारी के अनुसार किसान की मृत्यु के बाद उनके परिवार के किसी सदस्य के नाम वारिसान रहता है वारिसान कराने के बाद एग्री स्टेक में से नाम हटाना रहता है,मगर तहसीलदार नीलम सिंह पिस्दा को अप्रूवल देना रहता है,मगर तहसीलदार को फ़ुर्सद नहीं है कि ओ किसानों के एग्री स्टेक से नाम हटाने में कोई रुचि नहीं रखते इसमें किसानों को कितना भी नुकसान हो जाए उनको कोई फर्क नहीं पड़ता।कई किसान वारिसान कराने के बाद पचपेड़ी तहसील के चक्कर काट रहे है,इसके कारण किसानों का अभी तक टोकन नहीं कट पाया है,तहसीलदार के शुष्क रवैए से किसान परे शान है,मगर इनसे तहसीलदार साहब को कोई फर्क नहीं पड़ता उनको किसानों से कोई मतलब नहीं है किसानों को कितना भी बड़ा नुकसान हो जाए उनको कोई फर्क नहीं पड़ता,अनगिनत किसान तहसील पचपेड़ी के चक्कर काटते थक गए,है।

 

 

 

बाइट 01किशन–सूरज बाई कोसले इनका कहना है कि मैं कई दिनों से पचपेड़ी तहसील का चक्कर काट रही हु मगर अभी तक मेरे पति का एग्री स्टेक से नाम नहीं हटा है,लगता है,इस बार किसी बिचौलिए को अपना पूरा धान बेचना पड़ सकता है। जिसे हमें भारी नुकसान होगा।

 

 

 

बाइट 02 भवानी राय –मेरे पिता जी के नाम को एग्री स्टेक से हटवाने के लिए तहसीलदार को कई बार फोन कर चुका हु कई बार फोन काट देते है,तो कई बार फोन उठाते ही नहीं,मेरे द्वारा तहसील पचपेड़ी के कर्मचारियों से बात करने की कोशिश की तो तहसीलदार साहब जानेंगे बोल कर चुप करा देते है,इस साल धान नहीं बिका तो भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

 

 

 

सरकार का कहना है कि किसी भी किसान का एक बीज तक नहीं छूटना चाहिए एक एक धान का सरकार खरीदेगी मगर तहसीलदार साहब को शासन के इस वादे से कोई मतलब नहीं है,तहसीलदार को छुट्टी मार ने में फुर्सद नहीं है,तो किसानों का काम कैसे करे गे।

 

टोकन काटने का समय निकलता ही जा रहा है,उसके बावजूद तहसीलदार किसानों के समस्या सुनने को तैयार नहीं है,

Back to top button
error: Content is protected !!