
एमसीबी – जिले से लगभग 150 किलोमीटर से दूर स्थित एमसीबी जिले का अंतिम गांव कटवार जहां के सचिव महीनों ग्राम पंचायत नहीं पहुंच रहे हैं । जहां एक ओर शासन की मंशा है कि गांव के विकास की कमान संभालने वाले जिम्मेदार अधिकारी जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करें, लेकिन जनकपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कटवार में तस्वीर इसके बिल्कुल उलट है। यहाँ के ग्राम पंचायत सचिव महीनों से पंचायत कार्यालय से नदारद हैं, जिसके चलते पूरा गांव विकास की मुख्यधारा से कट गया है।
*कार्यालय पर लटका रहता है ताला, कागजों में अटका विकास*
ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव के लंबे समय से अनुपस्थित रहने के कारण पंचायत भवन में अक्सर ताला लटका रहता है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आवास योजना के लाभ, और पेंशन संबंधी महत्वपूर्ण कागजात धूल फांक रहे हैं। ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए ब्लॉक मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जहाँ से उन्हें अक्सर खाली हाथ लौटना पड़ता है।
मूलभूत सुविधाओं का बुरा हाल
सचिव की लापरवाही का सीधा असर गांव की बुनियादी सुविधाओं पर पड़ रहा है । हैंडपंपों की मरम्मत न होने के कारण ग्रामीण शुद्ध पेयजल के लिए परेशान।
*क्या कहते हैं ग्रामीण*
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार सचिव से कहा कि सप्ताह में कम से कम एक दिन सचिवालय लगाइए जिससे कि हम लोगों का समस्या का समाधान हो सके लेकिन सचिव महोदय सुनते ही नहीं हैं हमें अपने काम के लिए महीनों इंतज़ार करना पड़ता है। सचिव साहब कब आते हैं और कब जाते हैं, किसी को पता नहीं चलता।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सचिव की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की गई और गांव की समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ, तो वे तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।




















