उत्तर प्रदेशइतवाकुशीनगरगोंडागोरखपुरबस्तीबहराइचबाराबंकीलखनऊसिद्धार्थनगर 

“बस्ती में कानून को ठेंगा: गणतंत्र दिवस पर सरेराह युवक का अपहरण, गौर पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल!”

"विरऊपुर चौराहे पर गुंडागर्दी की इंतहा: 20 हमलावरों ने युवक को अधमरा कर गाड़ी में लादा, पुलिस के हाथ अब भी खाली।"

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। दहाड़े अगवा, गौर पुलिस को चुनौती: विरऊपुर चौराहे पर गुंडई का नंगा नाच।।

मंगलवार 27 जनवरी 26, उत्तर प्रदेश।

4ddc1e31 07f3 4fdc 8341 daaa842e4e69 1769438863644

बस्ती। जिले के गौर थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब उन्हें दिन के उजाले और सार्वजनिक चौराहों का भी खौफ नहीं रहा। गणतंत्र दिवस के दिन, जब पूरा देश तिरंगे को सलामी दे रहा था, ठीक उसी समय दोपहर एक बजे विरऊपुर चौराहे पर सरेआम एक युवक की बेरहमी से पिटाई की गई और उसे फिल्मी अंदाज में अगवा कर लिया गया।

साजिश के तहत बुलाया, फिर शुरू हुआ तांडव

ग्राम सांवडीह (हरिजनपुरवा) निवासी लाल बहादुर के पुत्र सतीश को क्या पता था कि जिस ‘राजन’ ने उसे विरऊपुर बुलाया है, वह दोस्ती नहीं बल्कि दुश्मनी का जाल बुन रहा है। जैसे ही सतीश चौराहे पर पहुंचा, पहले से घात लगाकर बैठे राजन और उसके करीब 20 अज्ञात साथियों ने उसे घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक को लात-घूंसों और डंडों से तब तक पीटा गया जब तक वह अधमरा नहीं हो गया। इसके बाद दबंग उसे जबरन गाड़ी में डालकर फरार हो गए।

खौफ के साये में चौराहा

हैरानी की बात यह है कि घटना एक व्यस्त चौराहे पर हुई। दबंगों की संख्या और उनके हाथ में डंडे देखकर वहां मौजूद लोग मूकदर्शक बने रहे। वारदात में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल (UP 51 BH 1110) की पहचान तो हो गई है, लेकिन बाकी गाड़ियों और चेहरों का नकाबपोश होना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।

पुलिस की कार्रवाई: कागजों पर मुकदमा, जमीन पर तलाश

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी संतोष कुमार गौड़ ने नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन सवाल वही है— सतीश कहाँ है? > “महज धाराएं दर्ज कर लेना काफी नहीं है। जब तक पीड़ित की सुरक्षित बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक इलाके में दहशत का माहौल बना रहेगा। क्या बस्ती की सड़कों पर अब आम आदमी सुरक्षित नहीं है?”

गौर पुलिस के लिए यह मामला साख की लड़ाई बन गया है। अगर 20-25 लोग मिलकर एक युवक को सरेराह उठा ले जाते हैं, तो यह सीधे तौर पर पुलिस के इकबाल को चुनौती है। अब देखना यह है कि पुलिस इन ‘सफेदपोश’ गुंडों को कब तक सलाखों के पीछे भेजती है।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!