
“बच्ची को न्याय नहीं, संगठन को नोटिस!” — बरगी चौकी की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल
जहां एक ओर नाबालिग बच्ची को अब तक न्याय नहीं मिला, वहीं दूसरी ओर न्याय की लड़ाई लड़ रहे संगठन को नोटिस भेज दिया गया—यह आरोप बरगी मामले में सामने आया है।
बताया जा रहा है कि पीड़िता के 164 CrPC बयान अब तक कोर्ट में नहीं पहुंचे, जबकि कानून में इसे प्राथमिकता दी जाती है।
संगठन का कहना है कि दबाव बनाने की इस कोशिश के जवाब में उन्होंने ₹10 करोड़ का मानहानि दावा ठोकते हुए पूरे मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है।









