
कटनी, रीठी।। GANESH UPADHYAY VANDE BHARAT LIVE TV NEWS KATNI MP.
रीठी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सैदा में सोमवार को एक बेहद दुखद हादसा हुआ है, जिसमें बकरी चराते समय खुले कुएं में गिरने से एक 18 वर्षीय बालक की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर एम्बुलेंस न पहुंचने और शासकीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार न मिलने के कारण बालक की जान चली गई। इस घटना ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है और क्षेत्र में गहरा आक्रोश भी व्याप्त है। 
मृतक की पहचान ग्राम सैदा निवासी 18 वर्षीय ललित पटेल पिता ब्रजभान पटेल के रूप में हुई है। सोमवार दोपहर करीब पौने तीन बजे वह बकरी चराने खेत की ओर गया था। इसी दौरान खेत में बने एक खुले कुएं में वह अचानक गिर गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों व राहगीरों द्वारा उसे कुंए से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक वह अचेत अवस्था में था और उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी।
न डाक्टर मिले न एम्बुलेंस, अस्पताल में मौत
परिजनों ने बताया कि घटना की सूचना तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा को दी गई, लेकिन एम्बुलेंस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। मजबूरन ग्रामीणों और परिजनों ने खुद ही प्राइवेट वाहन की व्यवस्था कर घायल बालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी पहुंचाया। परिजनों का गंभीर आरोप है कि जब वह रीठी अस्पताल पहुंचे तो वहां कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं था, और तत्काल प्राथमिक उपचार भी नहीं मिला। जिसके चलते कुछ देर बाद घायल बालक ने दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों में नाराजगी
घटना के बाद ग्राम सैदा सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की कमी पर नाराज़गी जताई है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में ऐसी घटना बार-बार सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस सुधार नहीं हो रहा है। परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं साथ जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है।
…तो बच जाती बेटे की जान
मृतक के पिता ब्रजभान पटेल ने अस्पताल प्रबंधन पर खुलेआम लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा, अगर समय पर एम्बुलेंस पहुंचती और अस्पताल में डॉक्टर मौजूद होते, तो मैरे बेटी की जान बच सकती थी।
बदहाल आपातकालीन सेवाएं, ध्यान देने की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि यह हादसा सुविधाओं की बदहाली और आपातकालीन सेवाओं की कमी को उजागर कर रहा है। परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि एम्बुलेंस की उपलब्धता, अस्पताल में 24 × 7 डाक्टरों की मौजूदगी बढ़ाई जाए और खुले कुओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर तत्काल ध्यान दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां रोकी जा सकें। इस संबंध में प्रयास किए जाने की मांग उठी है।





