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रैंप योजना अंतर्गत इको टूरिज्म का सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण संपन्न

युवा उद्यमियों और महिला समूहों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग, सतत पर्यटन विकास पर मिला व्यावहारिक मार्गदर्शन


बलौदाबाजार, 27 फरवरी 2026।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी RAMP योजना के अंतर्गत भाटापारा में इको टूरिज्म विषय पर तीन दिवसीय सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CSIDC) रायपुर के बैनर तले नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (NIMSME) हैदराबाद द्वारा किया गया।
24 से 26 फरवरी तक चला यह प्रशिक्षण कार्यक्रम गायत्री शक्तिपीठ भाटापारा में आयोजित हुआ, जिसमें कुल 38 प्रतिभागियों ने भाग लेकर अपने कौशल को सुदृढ़ किया।
इको टूरिज्म के उभरते अवसरों पर मिला मार्गदर्शन
प्रशिक्षण में बलौदाबाजार जिले के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े युवा उद्यमियों, महिला स्व-सहायता समूहों और स्थानीय प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा इको टूरिज्म के उभरते रुझानों, सतत पर्यटन विकास की अवधारणा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी गई।
साथ ही प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ शासन की उद्योग नीति 2024-30 के महत्वपूर्ण प्रावधानों से भी अवगत कराया गया, जिससे वे भविष्य में पर्यटन आधारित उद्यम स्थापित कर सकें।
विशिष्ट अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के विशेष अतिथि बुद्धेश्वर वर्मा (ट्रस्टी, गायत्री शक्तिपीठ भाटापारा) ने अपने प्रेरक उद्बोधन में पर्यटन व्यवसाय में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सेवा भावना को अपनाने पर जोर दिया।
प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस पर गौरव यादव (संचालक, नाइट कैंपर्स कोरबा) द्वारा ट्रैकिंग एवं कैंपिंग विषय पर व्यवहारिक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें एडवेंचर टूरिज्म के व्यावहारिक पहलुओं—जैसे सुरक्षा प्रबंधन, उपकरणों का सही उपयोग एवं पर्यावरण संरक्षण—पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
तृतीय दिवस पर गिरधारी लाल वर्मा (व्यवस्थापक, गायत्री शक्तिपीठ भाटापारा) की उपस्थिति में समापन सत्र आयोजित हुआ। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ किया गया।
आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल इको टूरिज्म के क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान प्रदान करने का माध्यम बना, बल्कि स्थानीय युवाओं और महिला समूहों को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करने का सशक्त प्रयास भी सिद्ध हुआ।
ऐसे आयोजन क्षेत्रीय पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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