
समीर वानखेडे ब्यूरो चीफ:
नाशिक की एक नामी आईटी कंपनी में सामने आए यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले ने पूरे महाराष्ट्र को हिला दिया है। इस सनसनीखेज केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे रोंगटे खड़े कर देने वाले नए खुलासे हो रहे हैं।
पूरे रैकेट की मुख्य सूत्रधार के तौर पर कंपनी की टीम लीडर निदा एजाज खान का नाम सामने आया है। पुलिस ने उसके एक खतरनाक ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ प्लान का पर्दाफाश किया है। पिछले 15 से 20 दिन से पुलिस को चकमा दे रही निदा खान इस मामले की आठवीं आरोपी है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने अपनी टीमें अब और सक्रिय कर दी हैं।
जांच में सामने आया है कि निदा खान कंपनी के ऑपरेशन डिपार्टमेंट में बेहद अहम पद पर थी। नई भर्ती होने वाली युवतियों की ट्रेनिंग से लेकर उनके काम के प्लानिंग तक सबकुछ उसके कंट्रोल में था। इसी अधिकार का दुरुपयोग कर उसने हिंदू लड़कियों को जाल में फंसाने की साजिश रची थी।
निदा खान जानबूझकर चुनिंदा हिंदू लड़कियों को टारगेट कर उन्हें खास मुस्लिम आरोपियों के पास ही काम की ट्रेनिंग के लिए भेजती थी। वहां इन लड़कियों का ‘ब्रेनवॉश’ करना, उन्हें प्रेम जाल में फंसाना और फिर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाना, इस तरह पूरी चेन चलती थी।
*मानसिक दबाव और उत्पीड़न की रणनीति*
निदा खान का तरीका बेहद सुनियोजित था। रोज सुबह होने वाली वर्क मीटिंग में वह लड़कियों को टारगेट कर उन पर मानसिक दबाव बनाती थी। जो लड़कियां इस दबाव में नहीं आतीं, उनका दूसरे आरोपियों के जरिए यौन और मानसिक उत्पीड़न करवाने के लिए वह उकसाती थी, यह भी सामने आया है।
हैरान करने वाली बात यह है कि कंपनी में नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करना, खास तरह के कपड़े पहनने का दबाव डालना और इस्लामिक रीति-रिवाज मानने पर मजबूर करना, इन सबमें निदा खान की सक्रिय भूमिका थी। ये सब एक सीक्रेट व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए चलाया जा रहा था, जिसके तार अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े होने का शक पुलिस को है।
*कंपनी ने भेजी जांच टीम, 150 कर्मचारियों को WFH*
मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी के दिल्ली स्थित हेड ऑफिस ने नाशिक यूनिट में अपनी जांच टीमें भेजी हैं। एहतियात के तौर पर 150 कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ दे दिया गया है।
पुलिस अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें कंपनी की एचआर अश्विनी चेनानी भी शामिल है। लेकिन इस केस की मुख्य कड़ी निदा खान अब भी फरार है। उसके पकड़े जाने के बाद ही साफ होगा कि इस रैकेट में और कितने बड़े चेहरे शामिल हैं और यह नेटवर्क कितना गहरा है।
इस पूरे मामले का संज्ञान अब राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी लिया है और उसकी टीम जल्द ही नाशिक का दौरा करेगी।







