
सीधी। रोजगार सहायक ने हितग्राही के नाम में हेरा फेरी कर एक नहीं बल्कि तो इंदिरा आवास योजना का लाभ अपनी पत्नी के नाम पर हासिल कर लिया।
मध्य प्रदेश में सीधी जिले के आदिवासी बाहुल्य विकासखंड क्षेत्र कुसमी के ग्राम पंचायत ठाढीपाथर मैं ऐसा ही मामला सामने आया है जहां रोजगार सहायक लक्ष्मी नारायण बंसल ने अपनी पत्नी के नाम में हेरा फेरी कर एक नहीं बल्कि दो इंदिरा आवास योजना का लाभ प्राप्त कर लिया।
ग्राम पंचायत ठाढीपाथर अंतर्गत ग्राम ठाढीपाथर निवासी पानकली बसोर पत्नी लक्ष्मी नारायण बसोर को

1- पंजीयन क्रमांक एमपी- 15-007- 027-003/23 प्रशासनिक स्वीकृति क्रमांक 1904 के अंतर्गत 3 मार्च 2014 को इंदिरा आवास योजना के तहत 75000 की स्वीकृति प्रदान की गई जिसका भुगतान पानकली बसोर के मध्यांचल ग्रामीण बैंक में उनके बैंक खाता क्रमांक ****** 1343 , एफटीओ क्रमांक एमपी 17 15007 0 5101 FTO
41 296 के माध्यम से किया गया वहीं दूसरी ओर पानकली पत्नी लक्ष्मी नारायण निवासी ग्राम पंचायत ठाढीपाथर ग्राम ठाढीपाथर के नाम पर
– पंजीयन क्रमांक एमपी- 15-007-0 27-003/ 189 के नाम पर प्रशासनिक स्वीकृति क्रमांक 1903 b दिनांक 3 मार्च 2014 को ही 75000 की स्वीकृति प्रदान की गई जिसका भुगतान पान कली के यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के बैंक खाता क्रमांक ****** 5475, एफ टी ओ क्रमांक एमपी 1715007 2904 17 FTO 1073 31 मैं किया गया है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर ग्राम पंचायत ठाढीपाथर के ग्राम ठाढीपाथर मैं पानकली पत्नी लक्ष्मी नारायण नाम के कितने व्यक्ति हैं तो जवाब निकाल कर आया एक भी नहीं।
ग्राम पंचायत ठाढीपाथर की मतदाता सूचित के मुताबिक ग्राम पंचायत ठाढीपाथर क्षेत्र में ऐसा एक भी व्यक्ति नहीं है। हालांकि अथक प्रयासों के बाद पता चला कि यह सारी गड़बड़ी वहां पर पदस्थ रोजगार सहायक लक्ष्मी नारायण बंसल द्वारा की गई है क्योंकि मतदाता सूची के मुताबिक लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ लक्ष्मी नारायण बसोर की पत्नी का नाम मतदाता सूची में गृह संख्या 70 मतदाता क्रमांक GDZ 5312 079 मैं पानवती के रूप मे तथा लक्ष्मी नारायण पिता हीरालाल का नाम गृह संख्या 70 मतदाता क्रमांक GDZ5312 053 मैं दर्ज है। हालांकि मतदाता सूची में 965 मतदाता दर्ज है जिनमें पानकली पत्नी लक्ष्मी नारायण नाम का कोई भी व्यक्ति नहीं है लेकिन मजेदार बात यह है की पानकली पत्नी लक्ष्मी नारायण के नाम पर बनाए गए
जॉब कार्ड क्रमांक एमपी- 15-007-027-003/8 दिनांक 2 फरवरी 2006 में पानवती का नाम लक्ष्मी नारायण की पत्नी के रूप में साफ तौर पर दर्ज है जो यह साबित करता है कि पानवती का ही नाम पान कली है।
इस तरह रोजगार सहायक लक्ष्मी नारायण बंसल ने नाम में हेराफेरी कर अपनी पत्नी के ही नाम पर तो इंदिरा आवास की डेढ़ लाख रुपये डकार लिए।









