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हजारों समाजजन हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे तहसील कार्यालय, दोषियों पर कठोर कार्रवाई एवं संत सुरक्षा नीति की उठाई मांग

हजारों समाजजन हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे तहसील कार्यालय, दोषियों पर कठोर कार्रवाई एवं संत सुरक्षा नीति की उठाई मांगIMG 20260525 WA0053

“जब संत सुरक्षित नहीं रहेगा, तो समाज कैसे सुरक्षित रहेगा”

आष्टा में जैन समाज का उमड़ा जनसैलाब, साध्वियों की मौत के विरोध में निकली विशाल मौन रैली

 

आष्टा। रीवा में दिगंबर जैन आर्यिका संघ के साथ हुई दर्दनाक घटना के विरोध में सोमवार को आष्टा नगर में अभूतपूर्व जनआक्रोश देखने को मिला। “जब संत सुरक्षित नहीं रहेगा, तो समाज कैसे सुरक्षित रहेगा” जैसे संदेशों के साथ निकली विशाल मौन रैली में जैन समाज के अलावा सभी समाज के हजारों समाजजन शामिल हुए। जैन समाज सहित विभिन्न समाजों के महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों ने शांतिपूर्ण तरीके से सहभागिता कर दिवंगत आर्यिका माताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा संत सुरक्षा को लेकर कठोर कानून बनाने की मांग उठाई।

सकल श्वेताम्बर जैन श्रीसंघ, श्री दिगंबर जैन पंचायत समिति एवं सकल हिंदू समाज संगठन , हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित मौन रैली पुरानी सब्जी मंडी चौक से प्रारंभ हुई। रैली बड़ा बाजार, प्रगति गली, बुधवारा, गल चौराहा, कॉलोनी चौराहा एवं कन्नौद रोड मार्ग से होती हुई तहसील कार्यालय पहुंची। रैली में शामिल समाजजन हाथों में संत सुरक्षा, न्याय एवं अहिंसा से जुड़े संदेशों वाली तख्तियां लिए हुए थे। पूरे मार्ग में अनुशासन, शांति और भावनात्मक वातावरण बना रहा।IMG 20260525 WA0052

संतों की सुरक्षा देश की सुरक्षा व संत सुरक्षा नीति लागू करो लिखी तख्तियां लेकर लोग रैली में चल रहे थे”संत सुरक्षित नहीं तो समाज कैसे सुरक्षित रहेगा, यह सवाल पूछते हुए जैन समाज सड़क पर उतर गया।

तहसील कार्यालय पहुंचकर भारत सरकार के गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कलेक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन एसडीएम नितिन कुमार टाले को सौंपा गया। ज्ञापन का वाचन श्वेताम्बर जैन श्रीसंघ अध्यक्ष पवन सुराणा ने किया। ज्ञापन सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा, हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष नारायण “भूरु” मुकाती सहित समाजजनों द्वारा सौंपा गया। वहीं समाज की महिलाओं

शकुंतला छाजेड़ ,श्रद्धा गंगवाल,ज्योति पोरवाल, संगीता सेठी, ममता गंगवाल, अंजू जैन, रंजना जैन आदि ने एसडीएम श्री टाले को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन वाचन के पूर्व श्रीसंघ अध्यक्ष पवन सुराणा ने रीवा की घटना को अत्यंत दुखद एवं समाज को झकझोर देने वाली बताते हुए दिवंगत आर्यिका श्री श्रुतमति जी एवं आर्यिका श्री उपशममति जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि पदविहार कर रहे संत समाज पर जानबूझकर वाहन चढ़ाने जैसी घटना सभ्य समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।ज्ञापन में घटना की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा देशभर में विहाररत जैन संत-साध्वियों की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा नीति लागू करने की मांग की गई। समाजजनों ने “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस समन्वय बढ़ाने तथा प्रशासनिक स्तर पर “Sant Security Coordination Cell” गठित करने की भी मांग उठाई।

मौन रैली के दौरान महिलाओं ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए संत समाज की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की। शकुंतला छाजेड़, श्रद्धा गंगवाल, संगीता सेठी एवं डॉ. मीना सिंगी ने कहा कि संत समाज भारतीय संस्कृति, अहिंसा और आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। उनके साथ हुई इस प्रकार की घटना ने पूरे देश के श्रद्धालुओं को गहरी पीड़ा पहुंचाई है। महिलाओं ने दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की मांग की।उल्लेखनीय है कि रीवा में विगत दिनों जंगल मार्ग से पदविहार कर रहे दिगंबर जैन आर्यिका संघ पर तेज गति से कार चढ़ा देने की घटना में दो आर्यिका माताजी का निधन हो गया था, जबकि कई आर्यिकाएं एवं श्रावक घायल हुए थे। घटना के विरोध में देशभर में जैन समाज द्वारा मौन रैलियां एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।आष्टा में आयोजित इस विशाल मौन रैली में जैन समाज के अलावा अन्य समाजों के लोगों ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता कर सामाजिक एकता, अहिंसा एवं संत समाज के प्रति सम्मान का परिचय दिया। रैली के दौरान पूरा नगर श्रद्धा, संवेदना और अनुशासन के वातावरण में डूबा नजर आया। उक्त रैली में पूर्व नपाध्यक्ष कैलाश परमार, डॉ मीना विनीत सिंगी, नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा

सहित अन्य समाज के काफी संख्या में लोग शामिल थे।

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