संडीला: सरकारी चकमार्ग पर भू-माफियाओं का कब्जा, पुलिस के सामने ग्रामीणों पर बरसाए ईंट-पत्थर
तहसील संडीला में भू-माफियाओं का 'जलवा': नाप के बाद फिर कब्ज़ाया सरकारी रास्ता, विरोध करने पर जानलेवा हमला
अजीत मिश्रा (खोजी)
संडीला: सरकारी ‘चकमार्ग’ पर भू-माफियाओं का कब्जा, पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों पर पथराव
- संडीला: सरकारी चकमार्ग से हटाए गए अवैध कब्जे फिर हुए बहाल, पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों पर जानलेवा हमला
- हरदोई: पैमाइश के बाद भी खाली नहीं हुआ चकमार्ग, अधिकारियों की मिलीभगत से माफियाओं ने फिर जमाया कब्जा
- कासिमपुर में दबंगों का दुस्साहस: पुलिस के सामने ही सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, शिकायतकर्ता पर किया पथराव
- संडीला प्रशासन पर उठे सवाल: कोर्ट में वाद विचाराधीन, फिर भी माफियाओं ने सरकारी नाली और रास्ता दबाया
संडीला, हरदोई: संडीला तहसील क्षेत्र के ग्राम कासिमपुर में सरकारी चकमार्ग को लेकर भू-माफियाओं का दुस्साहस थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ समय पूर्व अधिकारियों द्वारा नाप-जोख कर खाली कराए गए सरकारी चकमार्ग पर भू-माफियाओं ने अधिकारियों से मिलीभगत कर पुन: कब्जा कर लिया है।जनपद के संडीला तहसील अंतर्गत ग्राम कासिमपुर में भू-माफियाओं का दुस्साहस चरम पर है। सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के सरकारी प्रयासों के बावजूद, भू-माफियाओं ने अधिकारियों से मिलीभगत कर पुनः सरकारी चकमार्ग पर अवैध कब्जा कर लिया है। हद तो तब हो गई जब पुलिस के सामने ही शिकायतकर्ता पर ईंट-पत्थर बरसाए गए।

क्या है पूरा मामला?
दस्तावेजों के अनुसार, 8 जून 2026 को क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक की उपस्थिति में कासिमपुर में चकमार्ग (गाटा संख्या 1259, 1265) और नाली (गाटा संख्या 1267) की पैमाइश की गई थी। इस पैमाइश के बाद अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध धारा 67 के अंतर्गत वाद भी संडीला तहसील में विचाराधीन है।
विभागीय दस्तावेजों के अनुसार:
- दिनांक 08.06.2026 को राजस्व विभाग द्वारा कासिमपुर में एक कार्यवाही की गई थी.
- क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक की उपस्थिति में चकमार्ग (गाटा संख्या 1259, 1265) और नाली (गाटा संख्या 1267) की पैमाइश की गई थी.
- इस पैमाइश के दौरान अवैध कब्जाधारी अहमद अली, रामशंकर और खलील अली के विरुद्ध उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 के तहत तहसील संडीला में वाद विचाराधीन है.
पुलिस की मौजूदगी में हुई मारपीट
पीड़ित श्रीराम पुत्र गजोधर ने थाने में दी गई लिखित शिकायत में बताया है कि 27 जून 2026 की सुबह जब वह अपने खेत पर गए, तो विपक्षी मजर व उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने उनके साथ गाली-गलौज की। पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने ‘डायल 112’ पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि पुलिसकर्मियों के सामने ही दबंगों ने न केवल धमकाया, बल्कि उन पर ईंट-पत्थर भी चलाए।
राजस्व विभाग द्वारा पैमाइश के कुछ दिन बाद ही स्थिति फिर से भयावह हो गई। पीड़ित श्रीराम पुत्र गजोधर ने कासिमपुर पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में निम्नलिखित आरोप लगाए हैं:
- दिनांक 27.06.2026 की सुबह जब पीड़ित अपने खेत पर गए, तो मजर, उनकी पत्नी, विकास और सकतू आदि ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी.
- पीड़ित ने तुरंत पुलिस की ‘डायल 112’ सेवा पर सूचना दी.
- मौके पर पहुंची पुलिस के सामने ही विपक्षी लाठी-डंडों से लैस होकर मारपीट पर उतारू हो गए.
- आरोप है कि पुलिस की उपस्थिति में ही दबंगों ने पीड़ित पक्ष पर ईंट-पत्थर चलाए.
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ जहाँ राजस्व विभाग ने पैमाइश कर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की थी, वहीं दूसरी तरफ अधिकारियों से कथित मिलीभगत के चलते भू-माफियाओं ने फिर से सरकारी जमीन पर कब्जा जमा लिया है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी चकमार्ग को नापकर खाली कराने के चंद दिनों बाद ही, कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत और उनसे लिए गए पैसों के बदले भू-माफियाओं को पुनः वहां कब्जा करने की खुली छूट दे दी गई। पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई न होने से क्षेत्र में भू-माफियाओं का मनोबल बढ़ा हुआ है।
पीड़ित श्रीराम ने अब उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि भू-माफियाओं के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए ताकि सरकारी संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।
















