
सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 *मैहर किसी भी बड़े औद्योगिक निवेश का लाभ केवल संबंधित कंपनी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका प्रभाव स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार, व्यापार और बुनियादी ढांचे पर भी दिखाई देता है। मैहर जिले में संचालित RCCPL प्राइवेट लिमिटेड (एमपी बिरला ग्रुप) भी ऐसे ही प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों में शामिल है, जिसने वर्षों से क्षेत्र के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।स्थानीय स्तर पर फैक्ट्री ने प्रत्यक्ष रूप से इंजीनियर, तकनीशियन, मशीन ऑपरेटर, सुरक्षा कर्मी और अन्य कर्मचारियों को रोजगार उपलब्ध कराया है। वहीं अप्रत्यक्ष रूप से परिवहन, होटल, किराना, वाहन मरम्मत, ढाबा और छोटे व्यापारों को भी निरंतर व्यवसाय मिला है। सीमेंट उद्योग से जुड़े ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी इसका व्यापक लाभ मिला है।RCCPL ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य जनहितकारी कार्यों में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई है। स्थानीय लोगों और कई सामाजिक बुद्धिजीवियों का मानना है कि मैहर जिले में सबसे अधिक CSR कार्य करने वाली कंपनियों में RCCPL का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। कंपनी द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का प्रयास किया जाता रहा है।हालांकि, अन्य बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों की तरह समय-समय पर स्थानीय स्तर पर कुछ मुद्दों और शिकायतों को लेकर लोगों में असंतोष भी देखने को मिलता है। ऐसे मामलों में कंपनी द्वारा संबंधित पक्षों से संवाद कर समाधान निकालने के प्रयास किए जाते हैं। कुछ सामाजिक जानकारों का यह भी कहना है कि कई बार विभिन्न प्रशासनिक और राजनैतिक दवाब के कारणों से CSR की राशि प्रभावित क्षेत्रों के बाहर भी खर्च होती है, जबकि कंपनी प्रबंधन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में जनहित के कार्यों को बढ़ावा देने की रही है।औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी एक महत्वपूर्ण विषय है। आधुनिक सीमेंट संयंत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए उन्नत तकनीकों, एयर फिल्टर और हरित उपायों को अपनाना आवश्यक माना जाता है। आर्थिक विकास और पर्यावरणीय संतुलन के बीच बेहतर समन्वय ही किसी भी औद्योगिक परियोजना की दीर्घकालिक सफलता का आधार माना जाता है।





