मध्यप्रदेशसिंगरौली

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छात्राओं से किया संवाद, बोले- AI का उपयोग करें, लेकिन अपना दिमाग भी जरूर लगाएं

IMG 20260805 195119
Oplus_131072

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छात्राओं से किया संवाद, बोले- AI का उपयोग करें, लेकिन अपना दिमाग भी जरूर लगाएं

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल स्थित कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में आयोजित ‘किताब से कल तक’ कार्यक्रम में छात्राओं और शिक्षकों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग पर महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि चैटजीपीटी, ग्रोक या अन्य AI टूल्स का उपयोग करें, लेकिन तथ्यों को हमेशा क्रॉस-चेक करें और स्वयं का विवेक जरूर लगाएं।

कार्यक्रम की सबसे खास बात विद्यालय की छात्राओं द्वारा संचालित स्कूल कैबिनेट रही। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट के सभी सदस्यों को मंच पर बुलाकर उनका परिचय लिया और विद्यालय में लोकतांत्रिक तरीके से होने वाली चुनाव प्रक्रिया की सराहना की। छात्राओं ने बताया कि विद्यालय में ईवीएम ऐप के माध्यम से चुनाव कराए जाते हैं, छात्र प्रचार करते हैं, मतदान होता है और एक वर्ष के लिए कैबिनेट का गठन किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में अब उत्कृष्ट शिक्षा का वातावरण तैयार हो रहा है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी सरकारी स्कूल के विद्यार्थी रहे हैं और आज के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति, संस्कार, शिक्षा और “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना पर भी विस्तार से अपने विचार रखे।

संवाद के दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री से AI, सोशल मीडिया, पढ़ाई, खेल, तनाव प्रबंधन और करियर से जुड़े कई सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे कार्यक्रमों की तैयारी के दौरान AI का उपयोग नई जानकारियां जुटाने के लिए करते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा स्वयं के अध्ययन और समझ के आधार पर लेते हैं।

उन्होंने छात्राओं से नियमित अध्ययन, खेल, योग, डायरी लेखन और समय प्रबंधन की आदत विकसित करने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि पढ़ाई केवल डिग्री पाने के लिए नहीं, बल्कि जीवनभर सीखते रहने की जिज्ञासा बनाए रखने के लिए होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से भी संवाद करते हुए विद्यार्थियों को कृषि, उद्यमिता, सेना, राजनीति और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार वर्ष 1958 में स्थापित यह विद्यालय अब सांदीपनि विद्यालय के रूप में विकसित हो चुका है, जहां नर्सरी से 12वीं तक 1800 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, विज्ञान एवं गणित प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। विद्यालय का बोर्ड परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है तथा इसे हरित विद्यालय श्रेणी और राज्य स्तर पर सिल्वर अवॉर्ड भी प्राप्त हो चुका है।

[yop_poll id="10"]
Show More
Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!