

स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रभक्ति, सौहार्द और सामाजिक समरसता का दिया संदेश
बलौदाबाजार। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन एवं गौरवपूर्ण अवसर पर श्री आलोक चंद्र शर्मा ने जेल के प्रभारी श्री अभिषेक मिश्रा जी से सौजन्य मुलाकात कर उन्हें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर दोनों के बीच स्वतंत्रता दिवस के महत्व, राष्ट्रहित, सामाजिक जिम्मेदारियों तथा समाज में सकारात्मक वातावरण निर्माण को लेकर आत्मीय चर्चा हुई।
स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व ही नहीं, बल्कि देश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को स्मरण करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इसी भावना के साथ श्री आलोक चंद्र शर्मा ने श्री अभिषेक मिश्रा को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश की एकता, अखंडता, शांति और समृद्धि के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सौजन्य मुलाकात के दौरान श्री शर्मा ने कहा कि आजादी हमें असंख्य वीरों के त्याग और बलिदान से प्राप्त हुई है। इस स्वतंत्रता की रक्षा करना और देश के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की प्रगति केवल शासन-प्रशासन के प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदार भागीदारी से संभव है।
वहीं जेल प्रभारी श्री अभिषेक मिश्रा ने भी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं का स्वागत करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है। समाज में कानून के प्रति सम्मान, अनुशासन, मानवीय संवेदना और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
मुलाकात के दौरान जेल प्रशासन की भूमिका और सामाजिक दायित्वों पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर यह विचार प्रमुखता से सामने आया कि सुधार और पुनर्वास की भावना किसी भी सभ्य एवं संवेदनशील समाज की महत्वपूर्ण पहचान है। जेल व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंड तक सीमित नहीं, बल्कि बंदियों में सकारात्मक बदलाव, अनुशासन और समाज की मुख्यधारा में लौटने की भावना को प्रोत्साहित करना भी है।
श्री आलोक चंद्र शर्मा ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि हमें स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में भाईचारा, सद्भाव और परस्पर सम्मान की भावना को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब हम अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए देश और समाज के विकास में अपना योगदान देंगे।
श्री अभिषेक मिश्रा से हुई यह सौजन्य भेंट स्वतंत्रता दिवस की गरिमा, आपसी सौहार्द और राष्ट्रप्रेम की भावना को अभिव्यक्त करने वाली रही। दोनों ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए भारत की निरंतर प्रगति, शांति, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर व्यक्त विचारों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सद्भाव, मानवीय संवेदना और जिम्मेदार नागरिकता का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर हुई यह आत्मीय मुलाकात राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को और अधिक सार्थक बनाने वाली रही।




