बस्ती: सिर में गंभीर चोट और छुट्टी न मिलने से महिला सिपाही की मौत, पति ने एसपी ऑफिस के कर्मियों पर लगाए गंभीर आरोप
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतका के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और मौत के असली कारणों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती में दर्दनाक हादसा: सिर में चोट और इलाज के लिए नहीं मिली छुट्टी, लालगंज थाने की महिला सिपाही की मौत; पति ने एसपी ऑफिस के कर्मियों पर लगाए गंभीर आरोप
- बस्ती में महिला आरक्षी की मौत पर हंगामा: इलाज के लिए नहीं मिली थी लीव, पति ने की एफआईआर दर्ज करने की मांग
- प्रतापगढ़ से लौटते समय हुआ था हादसा, बस्ती में तैनात महिला सिपाही की मौत; एसपी ऑफिस के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप
- ’समय पर मिल जाती छुट्टी तो बच जाती जान’: बस्ती में महिला सिपाही की मौत के बाद पति का छलका दर्द, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक दर्दनाक मामला सामने आया है। लालगंज थाने में तैनात 30 वर्षीय महिला आरक्षी केसरी वर्मा की शनिवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मृतका के पति और साथी पुलिसकर्मी नागेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया है कि सिर में गंभीर चोट लगने के बावजूद एसपी कार्यालय के दो कर्मचारियों ने उन्हें इलाज के लिए छुट्टी देने से इनकार कर दिया था, जिसके चलते समय पर उचित उपचार न मिलने से उनकी जान चली गई।
प्रतापगढ़ से लौटते समय हुआ था हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, केसरी वर्मा कुछ दिन पूर्व अवकाश लेकर अपने गृह जनपद प्रतापगढ़ गई थीं। गत 22 अगस्त को छुट्टी समाप्त होने के बाद जब वह वापस बस्ती लौट रही थीं, तब रास्ते में एक सड़क दुर्घटना हो गई। इस हादसे में उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। प्रतापगढ़ में शुरुआती इलाज के दौरान डॉक्टरों को उनके सिर में चार टांके लगाने पड़े थे। इसके बाद वह किसी तरह बस्ती पहुंचीं और अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर ली, हालांकि उनका स्थानीय स्तर पर चिकित्सीय परामर्श और इलाज जारी था।
27 अगस्त को खारिज कर दी गई थी मेडिकल लीव
शोकसंतप्त पति नागेंद्र वर्मा (जो खुद 2020 बैच के सिपाही हैं और लालगंज थाने में ही तैनात हैं) का आरोप है कि शारीरिक रूप से अस्वस्थ और सिर में गंभीर चोट होने के बावजूद उनकी पत्नी को जरूरी चिकित्सीय अवकाश नहीं दिया गया। नागेंद्र के अनुसार, केसरी 27 अगस्त को छुट्टी के सिलसिले में एसपी ऑफिस गई थीं। वहां तैनात दो कर्मियों ने कथित रूप से यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया कि न तो अर्जित अवकाश (EL) मिलेगा और न ही मेडिकल लीव स्वीकृत होगी। आवेदन के साथ डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट और सीटी स्कैन की प्रतियां भी संलग्न थीं, जिसमें सिर की चोट और टांकों का स्पष्ट जिक्र था।

शनिवार भोर में बिगड़ी हालत, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
शनिवार सुबह करीब चार बजे अचानक केसरी वर्मा की तबीयत अत्यधिक बिगड़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पति और अन्य पुलिसकर्मी उन्हें तुरंत ओपेक चिकित्सालय कैली ले जाने लगे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही महकमे में खलबली मच गई और आनन-फानन में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पोस्टमार्टम हाउस पर फूटा पति का दर्द
जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस पर मृतका के पति नागेंद्र वर्मा फफक-फफक कर रोते नजर आए। उन्होंने लालगंज थाने के एसओ को लिखित तहरीर देकर एसपी कार्यालय के दोनों संबंधित कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। नागेंद्र का कहना है कि यदि उस वक्त मेडिकल दस्तावेजों को संज्ञान में लेकर छुट्टी मंजूर कर दी जाती, तो समय पर उन्नत इलाज मिलने से उनकी पत्नी की जान बचाई जा सकती थी। मूल रूप से प्रतापगढ़ की रहने वाली केसरी 2018 बैच की आरक्षी थीं, जबकि अमेठी के रहने वाले नागेंद्र से उनकी शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी। दोनों पति-पत्नी बस्ती के बनकटी कस्बे में किराए के मकान में रह रहे थे।
अधिकारियों ने की समझाने की कोशिश, जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में संवेदनशीलता बढ़ गई। मौके पर सीओ रुधौली अनिल सिंह, सीओ हर्रैया स्वर्णिमा सिंह सहित कई अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। अधिकारियों ने दुखी पति नागेंद्र वर्मा को ढांढस बंधाने और समझाने का प्रयास किया, हालांकि वह एफआईआर दर्ज करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।












