
सरकारी तीन बंदर-डॉ एच सी विपिन कुमार जैन”” विख्यात””
सरकारी तीन बंदर हैं, ये।
माल सबका हड़प रहे हैं, ये।
कागजों के हेर-फेर में,
धीरे-धीरे फंस रहे हैं, ये।
जिसका खा रहे,
उसी की आस्तीन में,
पलने वाले सांप हैं ये
कभी नोटों की हेरा फेरी,
कभी झूठी बयान बाजी में,
संलिप्त रहे ये।
सुना है,
ऐसों के लिए,
शहर में,
एक नई जेल बनी है,
आज उसकी प्रथम सूची चस्पा की गई है।
उसमें भी,यही,
धुरंधर अब्बल रहे हैं, ये।
[yop_poll id="10"]



