
‘ निजी कॉलेजों में आईटीआई चलाने की अनुमति मांगी

घटती छात्र संख्या के कारण प्रदेश के स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में आर्थिक संकट खड़ा हो गया है । ऐसे में इन महाविद्यालयों ने अपने परिसरों में बेसिक या माध्यमिक स्कूल , आईटीआई , पॉलीटेक्निक , फार्मेसी या पैरा मेडिकल जैसे कोर्स संचालित करने की अनुमति देने की मांग की है । स्ववित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन ने इस बारे में शासन को प्रस्ताव भी दिया है । प्रदेश में निजी क्षेत्र में खुले लगभग 5000 स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में प्रति वर्ष लगभग 45 लाख छात्रों को प्रवेश मिलता है । नई शिक्षा नीति 2020 लागू होने के बाद परीक्षा की सेमेस्टर प्रणाली लागू होने से यह छात्र संख्या लगातार कम हो रही है ।
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