

समीर वानखेड़े चंद्रपुर महाराष्ट्र:
सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले चंद्रपुर सिंचाई कल्याण संघ के सचिव परवेश सुभान शेख के खिलाफ रामनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होते ही उनकी जमानत राशि (एसडी) जब्त करने की अनुशंसा जिला जल संरक्षण अधिकारी नीलिमा मंडपे ने क्षेत्रीय जल संरक्षण अधिकारी एवं अधीक्षक अभियंता, नागपुर से की है ।इस बीच फर्जी वित्तीय टर्नओवर दस्तावेज तैयार करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट नरेंद्र भोयर और अरुण राउतमार की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
परवेश शेख ने मृदा एवं जल संरक्षण विभाग में ठेका पाने के लिए फर्जी और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ई-टेंडर भरकर सरकारी ठेकों से वित्तीय लाभ प्राप्त करके सरकार को धोखा दिया। उसने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसमें 5 साल में 15 करोड़ 76 लाख 52 हजार 234 रुपए से ज्यादा का वित्तीय कारोबार दिखाया गया। इन दस्तावेज़ों के ज़रिए उन्होंने अपनी वित्तीय क्षमता बढ़ाकर अनुबंध हासिल किया।
परवेश शेख ने जिला जल संरक्षण अधिकारी मंडपे और कार्यालय लेखाकार संदीप जेउरकर को जान से मारने की धमकी भी दी थी। मंडपे ने इन सभी मामलों की शिकायत पुलिस स्टेशन में की, जिसके बाद ठेकेदार शेख के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया। इसके बाद मंडपे ने क्षेत्रीय जल संरक्षण अधिकारी और जल संरक्षण विभाग, नागपुर के अधीक्षण अभियंता को लिखित रिपोर्ट भेजकर ठेकेदार शेख को ब्लैकलिस्ट करने और ‘ईएमडी’ और ‘एसडी’ जब्त करने की कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
झूठे दस्तावेज तैयार करने में परवेज शेख की मदद करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट भोयर और रौतमार की जांच की जाएगी। ठेकेदार शेख ने लोक निर्माण विभाग के तहत कई काम लिए हैं। मंडपे ने उन कार्यों के दस्तावेज मंगवाए हैं।







