
मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट पर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के सामने सपा, बसपा और एआईएमआईएम प्रत्याशी तुर्क बिरादरी का होने के कारण मुकाबला बेहद रोचक हो गया है।
कुंदरकी विधानसभा सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 3,83,480 है। विभिन्न राजनीतिक दलों के सर्वे के अनुसार, सबसे अधिक मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 2.20 लाख है। मुस्लिम मतदाताओं में करीब 40 फीसदी यानी 88 हजार मतदाता तुर्क बिरादरी से आते हैं। इन मतदाताओं का यदि बिखराव हुआ तो इसका सीधा फायदा भाजपा को पहुंचेगा।
कुंदरकी में मुस्लिम के बाद अनुसूचित जाति के मतदाता 63 हजार, सैनी 32 हजार, क्षत्रिय 30 हजार, यादव मतदाता लगभग 15 हजार व अन्य जाति के मतदाताओं की संख्या लगभग 23 हजार है।
63 हजार दलित मतदाता किसी भी प्रत्याशी के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। भाजपा की नजर इन दलित मतदाताओं पर है। वहीं क्षत्रिय प्रत्याशी होने से भाजपा को क्षत्रिय वोट पूरा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा सैनी और अन्य पिछड़े वर्ग के वोटों पर भी भाजपा की निगाहें हैं, यदि समीकरण सही बैठे तो भाजपा को फायदा पहुंच सकता है। हालांकि, सपा ने तुर्क बिरादरी से आने वाले हाजी मो. रिजवान को टिकट दिया है जो कि तीन बार इस सीट से चुनाव जीत चुके हैं।
यह उनका मजबूत आधार है। हाजी रिजवान के सामने चुनौती होगी कि वह तुर्क बिरादरी में वोटों के बिखराव को रोकने में सफल रहें। दूसरी ओर बिलारी विधानसभा सीट पर वर्तमान विधायक मो. फहीम से हाजी रिजवान की रिश्तेदारी है। बिलारी विधायक की रिश्तेदारी कुंदरकी विधानसभा सीट में ज्यादा है, ऐसे में इस संबंध का भी फायदा हाजी मो. रिजवान को मिल सकता है।
कुंदरकी विधानसभा सीट पर अब तक के विजयी उम्मीदवार
1967 निर्दलीय एम लाल
1969 भारतीय क्रांति दल महीलाल
1974 कांग्रेस इंद्र मोहिनी
1977 जनता पार्टी अकबर हुसैन
1980 जनता पार्टी अकबर हुसैन
1985 कांग्रेस रीना कुमारी
1989 जनता दल चंद्र विजय सिंह
1991 जनता दल अकबर हुसैन
1993 भाजपा चंद्र विजय सिंह
1996 बसपा अकबर हुसैन
2002 सपा हाजी मो. रिजवान
2007 बसपा अकबर हुसैन
2012 सपा हाजी मो. रिजवान
2017 सपा हाजी मो. रिजवान
2022 सपा जियाउर्रहमान बर्क
भूपेंद्र सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर
कुंदरकी विधानसभा सीट भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह के गृह जनपद की सीट है। इस कारण चार मंत्रियों के अलावा पार्टी के पदाधिकारी अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं, जिससे भाजपा जीत हासिल कर सके। उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के साथ प्रदेश अध्यक्ष की भी प्रतिष्ठा दांव पर है।
लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद भाजपा के प्रदेश स्तर के नेता काफी संभलकर कदम रख रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुंदरकी सीट को हासिल करने के लिए दो माह पहले सड़कों के अलावा जिले में 400 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर विकास का कार्ड खेला था।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष कई बार शहर में आने पर कुंदरकी विधानसभा को लेकर पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चुके हैं। नामांकन में भी शामिल होने के लिए प्रदेश अध्यक्ष आएंगे। भाजपा चुनाव को अपने पक्ष में करने के लिए हर फार्मूले का इस्तेमाल कर रही है। तुर्कों का गढ़ कहे जाने वाली इस सीट को जीत पाना भाजपा के लिए बेहद मुश्किल माना जाता है।
1993 में कुंदरकी में खिला था कमल
जिले में कुंदरकी विधानसभा सीट पर सपा-भाजपा के बीच सीधी जंग होती रही है। 1993 में राममंदिर आंदोलन के दौरान इस सीट पर भाजपा के प्रत्याशी चंद्र विजय सिंह ने कमल खिलाया था। चंद्र विजय 18 महीने तक ही विधायक रहे। इसके बाद फिर कभी भाजपा प्रत्याशी को जीत नहीं मिले। मौ दीन रिपोर्टर भोजपुर जिला मुरादाबाद म।





