
अलीशा जीव आश्रय में जख्मी बंदर का चल रहा है इलाज-शिवानी जैन एडवोकेट

ऑल ह्यूमंस सेव एंड फॉरेंसिक फाउंडेशन डिस्टिक वूमेन चीफ एवं जीव दया स०स० शिवानी जैन एडवोकेट ने कहा कि कृष्णापुरी मंदिर में स्थित करंट से लगे जख्मी बंदर को अलीशा जीव आश्रय में रखा गया है। इलाज एवं उसकी देखभाल अच्छे प्रकार से की जा रही है। पशु चिकित्सक ने बताया कि बंदर की हालत नाजुक है क्योंकि वह घायल भी है एवं कमर से नीचे का हिस्सा कार्य बहुत कम कर रहा है। दवा दी जा रही है।
अलीशा जीव आश्रय की संचालिका द्वारा बताया गया कि यहां पर कुत्ते, बिल्ली एवं अन्य घायल पशुओं की देखभाल एवं इलाज करके ठीक होने के बाद या तो वही उसी स्थान पर भेज दिया जाता है या फिर वह पशु यहीं पर रह जाता है।
मां सरस्वती शिक्षा समिति के प्रबंधक डॉ एच सी विपिन कुमार जैन एवं जीव दया स०स०, थिंक मानवाधिकार संगठन की एडवाइजरी बोर्ड मेंबर एवं जीव दया स०स० डॉ कंचन जैन, संरक्षक आलोक मित्तल एडवोकेट, ज्ञानेंद्र चौधरी एडवोकेट, डॉ आरके शर्मा,निदेशक डॉक्टर नरेंद्र चौधरी, शार्क फाउंडेशन की तहसील प्रभारी डॉ एच सी अंजू लता जैन, शैलेंद्र सक्सेना, देवेश शर्मा आदि ने शीघ्र ही बंदर के स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की एवं सहयोग भी किया।




