
समीर वानखेड़े:
2,200 से अधिक पाकिस्तानी नागरिक व्यापारिक उद्देश्यों से उप-राजधानी में रहते हैं। इसमें सभी धर्म शामिल हैं। उन्होंने भारत सरकार से वीज़ा प्राप्त कर लिया है। इसलिए, उनका निवास वैध है।
पहलगाम में पर्यटकों पर हमले के बाद केंद्र सरकार ने भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। इसे लागू करने में पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। इस संबंध में खुफिया विभाग को भी सतर्क कर दिया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 2,200 से अधिक पाकिस्तानी नागरिक व्यवसाय या अन्य कारणों से नागपुर में रहते हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे नागरिक हैं जो उत्तर नागपुर और आसपास के क्षेत्रों में ‘वीजा’ पर आए हैं।
केंद्रीय सुरक्षा समिति (सीसीएस) की बैठक के बाद नागपुर में सुरक्षा बलों द्वारा तलाशी अभियान शुरू किया गया है। हालांकि पुलिस प्रशासन को अभी तक इस संबंध में आधिकारिक निर्देश नहीं मिले हैं। पुलिस प्रशासन एहतियात के तौर पर यह अभियान चला रहा है।
यद्यपि पुलिस विभाग के पास नागपुर में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों के बारे में आधिकारिक जानकारी है, लेकिन क्या वीजा समाप्त होने के बाद भी वे नागपुर में रह रहे हैं? आप क्या व्यवसाय करते हैं? यह जानकारी नये सिरे से एकत्र की जा रही है।
पाकिस्तानी नागरिक अपने वीज़ा की अवधि समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण कराते हैं। व्यापार करने वाले पाकिस्तानी नागरिकों में सभी धर्मों के लोग शामिल हैं। हालाँकि, उनका वीज़ा रद्द कर दिया जाएगा। उन्हें 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने की सख्त चेतावनी दी गई है। इससे नागपुर में वीजा पर रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों में भय और चिंता फैल गई है।
हम सरकार के आदेशानुसार कार्रवाई करेंगे। एहतियात के तौर पर पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। – डॉ. रविन्द्र कुमार सिंघल, पुलिस कमिश्नर नागपूर







