

आज झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजभवन में एक प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल श्री संतोष गंगवार जी से शिष्टाचार मुलाक़ात की। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एवं समाजसेवी जतिन कुमार ने बाबा बैद्यनाथ धाम की स्मृति स्वरूप एक प्रतीक चिन्ह भेंट किया और ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’—एक राष्ट्र, एक चुनाव की संकल्पना पर विस्तृत चर्चा की।
इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने एकमत होकर इस विचार का समर्थन किया और कहा कि यह पहल भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम हो सकता है। उन्होंने साझा किया कि यदि लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाएं, तो इससे न केवल समय, संसाधन और खर्च में कमी आएगी, बल्कि विकास कार्यों की गति भी बनी रहेगी।
महामहिम राज्यपाल श्री संतोष गंगवार जी ने इस विचार का स्वागत करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए एक व्यापक और दूरदर्शी सोच बताया। उन्होंने कहा कि इससे बार-बार लगने वाली आचार संहिता से प्रशासनिक कार्य बाधित नहीं होंगे और देश में एक समान चुनाव प्रक्रिया की दिशा में ठोस कदम उठाया जा सकेगा। उन्होंने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि वे इस विषय पर केंद्र सरकार को समेकित सुझाव प्रेषित करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड राज्य से संबंधित कुछ अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी राज्यपाल महोदय से चर्चा की, जिनमें प्रमुख थे:
• झारखंड राज्य में ‘पुशकल्याण अधिनियम’ (Puskaly Act) को लागू करना।
• राज्य के विश्वविद्यालयों में वर्षों से रिक्त पड़ी लाइब्रेरियन की नियुक्तियों को शीघ्र पूरा करना।
• विवि की लाइब्रेरियों को पुनः सक्रिय बनाना व आधुनिक सुविधाओं से युक्त करना।
इन मुद्दों को गंभीर बताते हुए राज्यपाल महोदय ने कहा कि वे इन सभी विषयों को माननीय मुख्यमंत्री तक प्राथमिकता के आधार पर अग्रसारित करेंगे।
मुलाक़ात के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम का आभार प्रकट किया और लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावशाली बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. ओमप्रकाश पांडेय, एनएसएस अवॉर्ड विजेता राजेन्द्र साव, जतिन कुमार, एवं शिवम् कुमार उपस्थित रहे।








