
वंदेभारतलाइवटीव न्युज-: पूरे देशभर में जन्म प्रमाणपत्र को लेकर बदलाव किया गया है। नवजात शिशु का जन्म प्रमाणपत्र के लिए मता पिता को अब लम्बा इंतजार नही करना पड़ेगा। भारत सरकार ने इसके लिए सभी राज्यों को निर्देशित किया है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के पहले ही नवजात शिशु का जन्म प्रमाणपत्र उसके परिवार कॅ उपलब्ध करवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। सरकार का यह कदम नागरिकों की जन्म प्रमाणपत्र को लेकर परेशानी दूर करने और सरकारी प्रक्रियाओं को पारदर्शी सरल बनाए जाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण है। जानकारी अनुसार भारत सरकार के रजिस्ट्रार जनरल आरजीआई कार्यालय द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया कि देश के सभी सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को यह सुनिश्चित करना होगा कि शिशु के जन्म के तुरंत बाद पंजीकरण किया जाना और शिशु के अस्पताल से जाने के पहले ही उसके परिवार को जन्म प्रमाणपत्र सौंपा जाना चाहिए। जन्म मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 2023 में परिवर्तन कर और अधिक प्रभावी बनाया गया है। अब यह आवश्यक कर दिया गया है कि बच्चे के जन्म के तिथि को केंद्र सरकार के पोर्टल पर सात दिनों के अंदर ही पंजीकृत कर उसी दौरान प्रमाणपत्र भी जारी किया जाना चाहिए। जन्म प्रमाणपत्र को डिजिटल या दस्तावेज के रूप मे उपलब्ध करवाने की अनुमति दी गई है। जन्म प्रमाणपत्र आज के दौर में केवल एक प्रमाणपत्र ही नहीं बल्कि नागरिक की पहचान और उसके अधिकारों का एक बड़ा आधार भी है। जन्म प्रमाणपत्र सभी सरकारी कार्यों नौकरी स्कूल कॉलेजों मे भर्ती पासपोर्ट शादी विवाह के रजिस्ट्रेशन आदि मे एक अनिवार्य दस्तावेज भी है। ज्ञात हो कि 2023 के संशोधन के बाद से राज्य सरकारों को अपने रिकार्ड अब केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड करना होता है। इससे देश के नागरिको के डेटा की जानकारी लेने मे मदद होती है। इन आंकड़ो का उपयोग अब राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर राशन कार्ड मतदाता सूची संपत्ती के पंजीकरण आदि योजनाओं के अपडेट मे किया जाता है।






