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गुरु पूर्णिमा पर ओशो ध्यान शिविर का आयोजन, स्वामी ध्यान भारती बोले – गुरु शिष्य के जीवन में चेतना का संचार करते हैं

मण्डला। कटरा स्थित ओशो ध्यान केन्द्र में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर तीन दिवसीय ओशो ध्यान शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर ओशो के सैकड़ों अनुयायी एकत्रित हुए।

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मंडला MP हेमंत नायक महाराजपुर

ओशो ध्यान शिविर में बोले स्वामी: गुरु शिष्य के जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाते हैं।

मण्डला। कटरा स्थित ओशो ध्यान केन्द्र में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर तीन दिवसीय ओशो ध्यान शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर ओशो के सैकड़ों अनुयायी एकत्रित हुए और ध्यान, प्रवचन एवं भजन के माध्यम से इस आध्यात्मिक उत्सव में सहभागिता निभाई। शिविर का मुख्य उद्देश्य ओशो के बताए ध्यान मार्गों का अभ्यास करना और गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करना रहा।

गुरु पूर्णिमा के मुख्य कार्यक्रम में स्वामी ध्यान भारती जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “ओशो का मानना है कि गुरु शिष्य के जीवन में चेतना की क्रांति लाते हैं। गुरु न केवल ज्ञान देते हैं, बल्कि चेतना का बीज बोते हैं, जिसे शिष्य ध्यान और समर्पण से सींचते हैं।” उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा शिष्य के लिए वह अवसर है जब वह अपने गुरु के प्रति गहरी कृतज्ञता, प्रेम और समर्पण प्रकट करता है।

मॉ भट्टी भारती जी ने अपने वक्तव्य में ओशो के ध्यान पद्धतियों की वैज्ञानिकता और प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “ओशो के ध्यान और विचार आत्म-निरीक्षण और आत्म-अवलोकन को प्रेरित करते हैं। उनके सक्रिय ध्यान, जैसे कि गतिशील ध्यान, व्यक्ति के भीतर दबी हुई भावनाओं को बाहर निकालकर उसे मानसिक रूप से मुक्त करते हैं, जिससे तनाव कम होता है और व्यक्ति अधिक ऊर्जावान महसूस करता है।”

मॉ उमा भारती जी और मॉ प्रेम माधुरी जी ने संयुक्त रूप से बताया कि ओशो की ध्यान विधियां न केवल आध्यात्मिक उन्नति में सहायक हैं, बल्कि व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने कहा कि “गतिशील ध्यान, कुंडलिनी ध्यान जैसी विधियां शरीर में ऊर्जा प्रवाह को उत्तेजित करती हैं, जिससे ताजगी, जीवन शक्ति और जागरूकता बढ़ती है।”

इस अवसर पर श्री आलोक नरेलिया ने बताया कि इस तीन दिवसीय शिविर में बड़ी संख्या में ओशो प्रेमियों ने भाग लिया और ध्यान की विधियों से आत्मिक लाभ प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि “ओशो के विचारों और ध्यान तकनीकों से आत्म-जागरूकता बढ़ती है, तनाव घटता है और व्यक्ति अधिक संतुलित जीवन जीने में सक्षम होता है।”

कार्यक्रम के अंत में पत्रकार परिषद द्वारा स्वामी ध्यान भारती जी का पुष्पमाला पहनाकर एवं छतरी भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान पत्रकार परिषद के जिला अध्यक्ष नीरज अग्रवाल, समाज कल्याण प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष कैलाश डेहरिया, वरिष्ठ समाजसेवी सुधीर कांसकार, दीपक कछवाहा, किशोर रजक, अनमोल अग्रवाल, रोहित बघेल, अनिल मिश्रा, आकाश रघुवंशी, श्रीमती सुनीता सैयाम, दीप्ति नरेलिया, उमा यादव, शीतल वैष्णव, आनंद, वेदांत, प्रेम, डॉ राय, उत्सव सहित कई गणमान्य नागरिक और दूरदराज़ से आए ओशो प्रेमी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में ओशो के विचारों और ध्यान विधियों की महत्ता को समझने और आत्मिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। यह आयोजन सभी उपस्थितों के लिए आत्मिक शांति, ऊर्जा और प्रेरणा का माध्यम बना।

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