

सहारनपुर सीडकी बस स्टैंड पर बड़ा हादसा टला: तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से पुलिस कब्जे में खड़ी पिकअप अनियंत्रित होकर फल मंडी की दुकानों की ओर दौड़ी – पीडब्ल्यूडी के लोहे के पोल ने रोका, संभावित जान-माल की भारी हानि टली
रिपोर्ट: एलिक सिंह, संपादक – समृद्ध भारत समाचार पत्र एवं वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ 📞 8217554083
सहारनपुर, नागल। सोमवार दोपहर सीडकी बस स्टैंड पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया जब एक अज्ञात खनन से लदा डंपर तेज रफ्तार से आते हुए पुलिस कब्जे में खड़ी एक पिकअप से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क पर दौड़ती हुई पास की फल मंडी की दुकानों की ओर बढ़ गई। वहीं लगे पीडब्ल्यूडी के लोहे के पोल ने समय रहते टकराकर उसे रोक दिया और इस तरह एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई घटना की दास्तान
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी ज्ञान सिंह, अनिल, हाजी पप्पू और अभिषेक ने बताया कि डंपर लाखनौर से झबरेड़ा की ओर जा रहा था। सीडकी अंडरपास के पास पुलिस कब्जे में खड़ी पिकअप को पीछे से इतनी जोर से टक्कर मारी कि वह अनियंत्रित होकर आगे बढ़ गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिकअप जब सड़क पार कर फल की दुकानों के करीब पहुंचने लगी, तभी सड़क किनारे लगे पीडब्ल्यूडी के लोहे के पोल ने उसे टकराकर रोक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि यदि यह पोल न होता तो पिकअप सीधे पास खड़े लोगों को चपेट में ले सकती थी और जान-माल की भारी हानि हो सकती थी।
हादसे के वक्त चौकी पर पुलिस नहीं थी
घटना के समय चौकी पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। स्थानीय लोग इस बात को लेकर नाराज़ दिखे कि जब पिकअप पुलिस कब्जे में थी, तो उसे सुरक्षित तरीके से खड़ा क्यों नहीं किया गया और चौकी पर मौजूदगी क्यों नहीं थी।
बड़ी राहत की सांस
मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि भगवान की कृपा रही कि हादसे में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। यदि पिकअप पोल से न रुकती, तो फल की दुकानों के पास मौजूद लोग इसकी चपेट में आ सकते थे।
स्थानीय लोगों ने जताई जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि डंपर चालक की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पुलिस कब्जे में खड़े वाहनों की सुरक्षा और सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
नोट: इस घटना ने फिर से यह सवाल खड़ा किया है कि सड़क सुरक्षा और पुलिस कब्जे में खड़े वाहनों की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।













