
नेपाल में लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट पर; फिलहाल सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे।

नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के बाद सिद्धार्थनगर जिले में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बीते आठ घंटों में जिले के कई गेज स्टेशनों पर नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल राप्ती, बूढ़ी राप्ती, बानगंगा, कुआनो, घोधी और परासी समेत सभी प्रमुख नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।
सिंचाई विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है, जबकि राजस्व, आपदा प्रबंधन और प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर तराई की नदियों पर कभी भी दिखाई दे सकता है।
उधर, राप्ती नदी के किनारे बसे बांसी कस्बे के लोगों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। वर्ष 2022 की भीषण बाढ़ की यादें अभी भी लोगों के जेहन में ताजा हैं, जब करीब 10 हजार की आबादी प्रभावित हुई थी और कई मोहल्लों में घरों और दुकानों तक पानी पहुंच गया था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि चार साल बाद भी बाढ़ से बचाव के लिए कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। वहीं सिंचाई विभाग का कहना है कि बांध से ओवरफ्लो की समस्या की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है।






