

खतौली पुलिस की सराहनीय कार्रवाई: अंतरजनपदीय फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह के तीन शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, भारी मात्रा में वाहन और फर्जी कागजात बरामद
मुजफ्फरनगर। थाना खतौली पुलिस की एक साहसिक और रणनीतिक कार्रवाई ने जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास को और मजबूत किया। CO खतौली रामाशीष यादव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में तीन अंतरजनपदीय शातिर अपराधियों को घायल अवस्था में पकड़कर गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से पांच महंगे वाहन, फर्जी नंबर प्लेट, आरसी और लोन से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए। यह घटना पुलिस की तत्परता, साहस और सतर्कता का जीवंत उदाहरण साबित हुई।
जानकारी के अनुसार, दिनांक 05.10.2025 को थाना मंसूरपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और बेचने वाला एक गिरोह शाहपुर रोड की तरफ से आ रहा है। इस सूचना पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई का निर्णय लिया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम ने शाहपुर कट पर बैरियर लगाकर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग शुरू की।
कुछ ही देर बाद एक महिंद्रा थार वाहन दिखाई दिया, जिसमें तीन व्यक्ति सवार थे। पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान अभियुक्तों के कब्जे से दो फर्जी नंबर प्लेट, दो अलग-अलग नंबर की आरसी और फाइनेंस से संबंधित अन्य दस्तावेज बरामद हुए। इस मौके पर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चार अन्य कारें चौकी बेगराजपुर स्थित खाली पड़े प्लॉट में छिपा रखी हैं। पुलिस ने उनके निशानदेही पर अन्य चार कारें भी बरामद कर ली।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार हुई:
- शहजाद मलिक, पुत्र मौ0 हकीम, निवासी ग्राम गगौल, थाना परतापुर, जिला मेरठ, उम्र लगभग 30 वर्ष।
- प्रवीन कुमार, पुत्र नानकचन्द्र, निवासी 278/8 शास्त्री नगर, थाना नौचंदी, जिला मेरठ, उम्र लगभग 25 वर्ष।
- रविन्द्र यादव, पुत्र सरदार सिंह यादव, निवासी म0न0 554/6 शास्त्री नगर, थाना नौचंदी, जिला मेरठ, उम्र लगभग 23 वर्ष।
बरामदगी के विवरण में शामिल हैं:
- 02 महिंद्रा थार
- 01 महिंद्रा एक्सयूवी 300
- 01 टोयोटा ग्लैन्जा
- 01 महिंद्रा स्कॉर्पियो
- 02 फर्जी नंबर प्लेट
- 02 अलग-अलग नंबर की आरसी
- 13 लोन संबंधित दस्तावेज
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे फाइनेंस पर वाहन लेकर आरटीओ और बैंक कर्मचारियों के साथ सांठ-गांठ कर “नो ड्यूज” तैयार करवाते थे। इसके बाद ये वाहन रजिस्टर कराकर बेचते थे और अवैध आर्थिक लाभ कमाते थे। यह गिरोह लंबे समय से अंतरजनपदीय स्तर पर सक्रिय था और इसके द्वारा किए गए धोखाधड़ी के मामले व्यापक स्तर पर फैले हुए थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी चिंताजनक है। शहजाद मलिक पर पहले भी 323/504/506 और 318(4)/338/336(3)/336(2)/340(2)/238/61(2)/111 बीएनएस जैसी धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। प्रवीन कुमार पर 384/420/504/506 और 318(4)/338/336(3)/336(2)/340(2)/238/61(2)/111 बीएनएस में मुकदमे दर्ज हैं। रविन्द्र यादव पर भी 318(4)/338/336(3)/336(2)/340(2)/238/61(2)/111 बीएनएस जैसी धाराओं में मामले दर्ज हैं।
इस पूरे ऑपरेशन में थाना मंसूरपुर पुलिस टीम की कुशल रणनीति और साहस ने निर्णायक भूमिका निभाई। टीम में प्र0नि0 श्री आनन्द देव मिश्र, व0उ0नि0 बालिस्टर त्यागी, उ0नि0 ललित कुमार, उ0नि0 दिलशाद खान, है0का0 मनीष त्यागी (सर्विलांस सैल), हे0का0 181 सुहैल खाँ, हे0का0 249 राजीव भारद्वाज, का0 614 राहुल नागर और का0 1413 प्रणव अत्री शामिल थे।
इस कार्रवाई के पीछे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का मार्गदर्शन भी निर्णायक रहा। अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन, एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद मुजफ्फरनगर श्री संजय कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक नगर श्री सत्यनारायण प्रजापत, क्षेत्राधिकारी खतौली श्री राम आशीष यादव और थाना प्रभारी मंसूरपुर श्री आनन्द देव मिश्र के कुशल नेतृत्व में यह कार्रवाई संभव हुई।
गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद पुलिस ने अग्रिम विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है। गिरफ्तार अभियुक्तों से आगे की पूछताछ के दौरान अन्य संभावित अपराधों का पता लगाया जाएगा और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। इस गिरफ्तारी से जिले में फर्जी दस्तावेज और वाहन धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण लगाया गया है।
स्थानीय नागरिक इस कार्रवाई से काफी संतुष्ट हैं और इसे पुलिस की तत्परता और साहसिक कार्य का प्रमाण मान रहे हैं। यह घटना यह साबित करती है कि यदि पुलिस समय पर सक्रिय और सतर्क रहे तो अपराधियों की कोई भी योजना सफल नहीं हो सकती। खतौली पुलिस की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों को सुरक्षित माहौल प्रदान करना पुलिस का प्राथमिक दायित्व है।
यह पूरा ऑपरेशन न केवल अपराधियों को पकड़ने के लिए था, बल्कि जिले में कानून व्यवस्था और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के लिए भी था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाईयों से अपराधियों में भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा पैदा होता है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की साहसिक कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे जिले के लिए गर्व की बात बताया।
इस प्रकार, खतौली पुलिस ने अपनी तत्परता, रणनीति और साहस से यह साबित कर दिया कि अगर कानून का पालन और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए सही नेतृत्व, सक्रिय टीम और सतर्कता हो तो किसी भी गिरोह को नियंत्रित किया जा सकता है। यह मामला जिले के अन्य पुलिस थानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ एवं समृद्ध भारत समाचार पत्र
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