
देहरादून की पॉश एटीएस कॉलोनी में हड़कंप: व्यापारी पर रिवॉल्वर तानने का आरोप, आईएएस-आईपीएस अधिकारियों की कॉलोनी में बढ़ा विवाद
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सबसे पॉश इलाकों में शुमार सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी में उस समय हड़कंप मच गया जब एक स्थानीय व्यापारी ने आईएएस-आईपीएस अधिकारियों की आवासीय कॉलोनी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अजय सिंह, सैन्यधाम के आर्किटेक्ट डीके सिंह के तीन बेटों और अनूप हटवाल पर जान से मारने की धमकी देने, रिवॉल्वर तानने और परिवार पर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया।
व्यापारी पुनीत अग्रवाल ने यह सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि विवाद के दौरान आरोपियों ने उनकी पत्नी और बच्चों को भी नहीं बख्शा। उनके अनुसार, इन लोगों ने घर के बाहर गाली-गलौज की और बात बढ़ने पर रिवॉल्वर निकालकर पूरे परिवार को धमकाया। व्यापारी ने कहा कि उन्होंने किसी तरह अपनी पत्नी और बच्चों को अंदर बंद कर जान बचाई।
🔸 व्यापारी ने पुलिस को दी लिखित शिकायत
घटना के बाद व्यापारी पुनीत अग्रवाल ने देहरादून पुलिस को एक लिखित शिकायत सौंपी है। उन्होंने इसमें विस्तार से बताया कि अजय सिंह और उनके साथी लंबे समय से उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) की कुछ नीतियों और कॉलोनी प्रबंधन को लेकर पहले से ही मतभेद चल रहे थे। जब उन्होंने कुछ आपत्तियां उठाईं, तो यह विवाद व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच गया।
पुनीत अग्रवाल का आरोप है कि “इन लोगों ने पहले तो दबाव बनाया कि मैं अपनी आवाज बंद कर दूँ, लेकिन जब मैंने विरोध किया तो परिवार को धमकाना शुरू कर दिया। शनिवार की रात उन्होंने मेरे घर के बाहर आकर शोर मचाया, गाली दी और फिर अचानक हथियार निकाल लिया।”
उन्होंने बताया कि घटना के वक्त उनकी पत्नी और दो बच्चे मौजूद थे। “जब उन्होंने रिवॉल्वर तानी तो मेरी पत्नी और बच्चे भयभीत हो गए। मैंने तुरंत दरवाजा बंद किया और पुलिस को सूचना दी,” व्यापारी ने कहा।
🔸 पुलिस जांच में जुटी, सीसीटीवी फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद के दौरान क्या हुआ था।
सिटी एसपी देहरादून ने बताया कि व्यापारी की तहरीर प्राप्त हुई है और मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा, “कॉलोनी में कई वरिष्ठ अधिकारी रहते हैं, इसलिए मामले को संवेदनशीलता से देखा जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस ने बताया कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन सभी आरोपितों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जा सकते हैं।
🔸 कॉलोनी के अंदर पहले से चल रहा था विवाद
सूत्रों के अनुसार, एटीएस कॉलोनी में पिछले कुछ महीनों से आरडब्ल्यूए को लेकर आंतरिक विवाद चल रहा है। कुछ निवासी आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अजय सिंह के कामकाज से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। कॉलोनी में पार्किंग, मेंटेनेंस और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी मतभेद की स्थिति रही है।
एक अन्य निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि “आरडब्ल्यूए में कई बार मीटिंग के दौरान तीखी नोकझोंक हो चुकी है। व्यापारी पुनीत अग्रवाल और अजय सिंह के बीच भी कई बार बहस हुई थी। हालांकि, रिवॉल्वर तानने जैसी घटना पहली बार सुनने में आई है, जो बेहद चिंताजनक है।”
🔸 कॉलोनी में फैली दहशत, परिवारों में भय का माहौल
इस घटना के बाद कॉलोनी में रहने वाले परिवारों में दहशत फैल गई है। वरिष्ठ अधिकारियों और उनके परिवारों ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताया। उनका कहना है कि जिस कॉलोनी में देश की प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहते हैं, वहां इस तरह की घटनाएं समाज के लिए गलत संदेश देती हैं।
एक निवासी ने कहा, “हमारे बच्चों का भी यहां खेलना-कूदना होता है। अगर कोई रिवॉल्वर निकाल ले तो यह सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि कोई दोबारा ऐसा करने की हिम्मत न करे।”
🔸 व्यापारी ने बताया – लगातार मिल रही थी धमकियां
व्यापारी पुनीत अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में यह भी खुलासा किया कि उन्हें पिछले कई हफ्तों से धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी कई बार शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन मामला सुलह के भरोसे टलता रहा।
“ये लोग अपने रसूख का इस्तेमाल कर डराने की कोशिश करते हैं। मैंने पहले भी कहा था कि मुझे और मेरे परिवार को खतरा है, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अगर कल मेरे बच्चों को कुछ हो जाता तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता?” – पुनीत अग्रवाल ने कहा।
उन्होंने यह भी बताया कि घटना के वक्त उनके पड़ोसी भी मौके पर आ गए थे, जिन्होंने किसी तरह स्थिति को संभाला। “अगर लोग समय पर बीच-बचाव न करते तो शायद गोली चल जाती,” उन्होंने दावा किया।
🔸 पुलिस ने कहा – सभी पक्षों से पूछताछ जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी। कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे, गार्ड की ड्यूटी लॉगबुक और अन्य सबूतों की बारीकी से जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कुछ गवाहों ने कहा है कि विवाद जरूर हुआ था, लेकिन रिवॉल्वर तानने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। वहीं, व्यापारी ने कहा कि उनके पास कुछ मोबाइल वीडियो क्लिप भी हैं, जो वह पुलिस को सौंपेंगे।
🔸 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष की चुप्पी
दूसरी ओर, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अजय सिंह से जब इस संबंध में बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “यह व्यक्तिगत विवाद है, मैं फिलहाल कोई बयान नहीं दूँगा। पुलिस जो उचित समझे, वह करेगी।”
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि अजय सिंह और डीके सिंह के परिवार के लोग भी पुलिस स्टेशन जाकर अपना पक्ष रखने की तैयारी कर रहे हैं।
🔸 बढ़ रहा है सवाल – क्या कॉलोनी में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है?
इस घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर ऐसी पॉश कॉलोनी में, जहां वरिष्ठ आईएएस-आईपीएस अधिकारी रहते हैं, वहां सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है। निवासियों का कहना है कि कॉलोनी के गेट पर गार्ड जरूर हैं, लेकिन अक्सर बाहर के लोग बिना जांच प्रवेश कर जाते हैं।
कुछ लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि कॉलोनी में पुलिस की नियमित गश्त और अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
🔸 शहर में चर्चा का विषय बनी घटना
देहरादून में यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वरिष्ठ अधिकारियों की कॉलोनी में इस तरह की घटनाएं कैसे हो सकती हैं। कुछ लोगों ने पुलिस पर कार्रवाई में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है, जबकि कुछ ने व्यापारी की शिकायत को गंभीरता से लेने की मांग की है।
🔸 आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा है कि दोनों पक्षों के बयान और तकनीकी साक्ष्य मिलने के बाद उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
देहरादून पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी के पास इस घटना का वीडियो या फोटो साक्ष्य हो तो वह जांच में सहयोग करे।
🔸 निष्कर्ष
एटीएस कॉलोनी में घटी यह घटना केवल एक व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि क्या उच्च वर्गीय कॉलोनियों में भी सत्ता, प्रतिष्ठा और प्रभाव के नाम पर दबाव और भय का माहौल बन रहा है? व्यापारी पुनीत अग्रवाल का परिवार इस समय डरा हुआ है और सुरक्षा की मांग कर रहा है, वहीं आरडब्ल्यूए अध्यक्ष और अन्य आरोपितों पर गंभीर आरोप लगने के बाद कॉलोनी का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
अब देखना यह होगा कि पुलिस की जांच किस दिशा में जाती है और क्या वास्तव में रिवॉल्वर तानने और धमकाने के आरोप साबित होते हैं या नहीं। फिलहाल, देहरादून की यह पॉश कॉलोनी चर्चा के केंद्र में है और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।
रिपोर्ट – एलिक सिंह, संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
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