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राष्ट्रीय सुरक्षा पर सटीक वार — देवबंद पुलिस की बड़ी सफलता, दारुल उलूम में फर्जी दस्तावेज़ों पर पढ़ रहे दो बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार कराने वाले निरीक्षक सिराजुद्दीन को SSP ने किया सम्मानित

फर्जी आईडी पर दारुल उलूम में घुसे दो बांग्लादेशी गिरफ्तार — जांबाज़ निरीक्षक सिराजुद्दीन को एसएसपी ने किया सम्मानित, NIA-IB भी अलर्ट

🚨 राष्ट्रीय सुरक्षा पर सटीक वार — देवबंद पुलिस की बड़ी सफलता, दारुल उलूम में फर्जी दस्तावेज़ों पर पढ़ रहे दो बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार कराने वाले निरीक्षक सिराजुद्दीन को SSP ने किया सम्मानित 🚨

सहारनपुर। देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत रखने और गैर कानूनी घुसपैठ पर सख्त निगरानी रखने के संकल्प के तहत सहारनपुर पुलिस ने एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। देवबंद जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित और संवेदनशील क्षेत्र में स्थित इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम में फर्जी भारतीय दस्तावेज़ों का सहारा लेकर पढ़ाई कर रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को उजागर करने और गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का श्रेय थाना देवबंद के निरीक्षक सिराजुद्दीन को जाता है, जिन्होंने अपनी समझदारी, सतर्कता, पैनी नजर और कानूनी दक्षता का शानदार परिचय देते हुए न केवल दोनों विदेशी नागरिकों को बेनकाब किया, बल्कि गहन विवेचना और ठोस पैरवी के दम पर उन्हें भारतीय न्यायालय से सजा भी दिलवाई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) आशीष तिवारी ने इस उत्कृष्ट कार्य के लिए निरीक्षक सिराजुद्दीन को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया, जिसे वह गर्व का क्षण करार देते हुए बोले कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ऐसे मामलों में पुलिस अधिकारियों को हमेशा सतर्क, संवेदनशील और सजग रहकर कार्य करना चाहिए। यह प्रकरण सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक मिसाल है कि किस प्रकार शातिर विदेशी नागरिक भारत में फर्जी पते, पहचान पत्र और शिक्षा संबंधी दस्तावेज़ बनाकर घुसपैठ कर लेते हैं, परंतु सतर्क पुलिस अधिकारी देश की सुरक्षा दीवार को अभेद बनाए रखने में मजबूत भूमिका निभाते हैं। दारुल उलूम जैसे महत्त्वपूर्ण और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा वाले संस्थान में पढ़ाई के नाम पर फर्जी पहचान पर प्रवेश कर भारत की संवेदनशील सुरक्षा संरचना को चुनौती देने वाले इन दोनों बांग्लादेशी छात्रों को निरीक्षक सिराजुद्दीन ने न केवल हिरासत में लिया बल्कि पूरे तथ्यों और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्यवाही की, जिसके परिणामस्वरूप माननीय न्यायालय ने दोनों आरोपितों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और ₹80,000-₹80,000 के आर्थिक दंड से दंडित किया। यह कार्रवाई न केवल देवबंद पुलिस की सावधानी का उदाहरण है बल्कि यह दर्शाती है कि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा चूक कितनी गंभीर हो सकती है और उसी अनुपात में पुलिस का दायित्व भी उतना ही महत्वपूर्ण है। एसएसपी आशीष तिवारी ने कहा कि निरीक्षक सिराजुद्दीन जैसे अधिकारी पुलिस विभाग की पहचान हैं, जो कानून व्यवस्था की रक्षा करते हुए देश की सुरक्षा के प्रति समर्पित रहते हैं। उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गौरवपूर्ण है और ऐसे अफसरों का मनोबल बढ़ाने के लिए पुलिस विभाग सदैव तत्पर रहेगा। इस उपलब्धि को लेकर थाना देवबंद और पूरे पुलिस महकमे में उत्साह और गर्व का माहौल है, वहीं क्षेत्रीय जनमानस ने भी निरीक्षक सिराजुद्दीन के कार्य की प्रशंसा की है। माना जा रहा है कि यह कदम भविष्य में ऐसे विदेशी नागरिकों और अवैध तत्वों के लिए कठोर संदेश है, जो भारत में घुसपैठ कर किसी भी उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे रहने या गतिविधियां चलाने की कोशिश करते हैं। पुलिस की इस सख्ती से न केवल सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल बढ़ा है बल्कि यह भी स्पष्ट संदेश गया है कि कानून के दायरे से कोई बाहर नहीं है, चाहे वह विदेशी नागरिक ही क्यों न हो। देवबंद में हुई इस कार्रवाई के बाद अब सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्कता और जांच-प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही हैं, ताकि भविष्य में किसी भी विदेशी नागरिक की फर्जी पहचान के आधार पर प्रवेश को हर स्तर पर रोका जा सके। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि जब पुलिस अधिकारी सजगता और ईमानदारी से कार्य करें तो राष्ट्रीय सुरक्षा की दीवार को कोई कमजोर नहीं कर सकता।

✍️ रिपोर्ट — एलिक सिंह
📞 8217554083

 

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