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समर्पण दिवस पर जन संघ के पुरोधाओं और आपातकाल के सेनानियों का विधायक लारिया ने किया वन्दन, पं दीनदयाल उपाध्याय को अर्पित की भावांजलि

सागर/वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * राष्ट्रवाद की प्रखर चेतना और अंत्योदय के प्रणेता, श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि ‘समर्पण दिवस’ के अवसर पर आज नरयावली विधानसभा के सदर मंडल में कृतज्ञता और सम्मान का एक ऐतिहासिक अध्याय रचा गया। स्थानीय केसरवानी धर्मशाला में आयोजित एक गरिमामयी और ओजपूर्ण समारोह में क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने जनसंघ काल के तपस्वी पुरोधाओं और आपातकाल के जीवंत सेनानियों का पाद-पूजन कर उन्हें सम्मानित किया। यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि उन वैचारिक जड़ों के प्रति कृतज्ञता का प्रकटीकरण था, जिनके रक्त-स्वेद से आज राष्ट्रवाद का वटवृक्ष पुष्पित और पल्लवित हो रहा है। भारत माता, भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप-प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। जैसे ही विधायक प्रदीप लारिया एवं अतिथियों ने धूप-दीप अर्पित किया, पूरा परिसर ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय अमर रहें’ और ‘भारत माता की जय’ के गगनभेदी उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। नारों के इस अनुगुंजन ने उपस्थित जनसमूह में एक नई ऊर्जा और ओज का संचार कर दिया। समारोह का सबसे भावुक और प्रेरणादायी क्षण वह था, जब विधायक प्रदीप लारिया ने विधानसभा क्षेत्र के उन वरिष्ठ जनसंघी महापुरुषों और आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल की सलाखों के पीछे यातनाएं सहने वाले ‘जीवंत सेनानियों’ का सम्मान किया। विधायक लारिया ने स्वयं एक-एक वरिष्ठ जन के समीप जाकर, उन्हें शाल- श्रीफल भेंट कर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक ने कहा “यह हमारा सौभाग्य है कि हमें उन मनीषियों का सानिध्य प्राप्त हो रहा है, जिन्होंने उस दौर में विचारधारा का दीपक जलाए रखा जब चारों ओर राजनीतिक अंधकार था। ये हमारे संगठन की वह नींव हैं, जिनके त्याग ने आज भाजपा को विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनाया है।” अपने संबोधन में विधायक लारिया ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे एक ऐसे युगपुरुष थे जिन्होंने राजनीति को सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि दरिद्र नारायण की सेवा का मार्ग बताया। आज का यह ‘समर्पण दिवस’ हमें उनके ‘अंत्योदय’ के संकल्प की याद दिलाता है—यानी पंक्ति के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति का उत्थान। विधायक लारिया ने आह्वान किया कि प्रत्येक कार्यकर्ता दीनदयाल जी के बताए मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र प्रथम की भावना से कार्य करे। सदर मंडल का केसरवानी धर्मशाला परिसर किसी तीर्थ स्थल के समान प्रतीत हो रहा था, जहाँ नई पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी का मिलन हुआ। कार्यकर्ताओं के उत्साह और वरिष्ठों के आशीर्वाद ने एक ऐसा ‘मील का पत्थर’ स्थापित किया जो आने वाले समय में कार्यकर्ताओं के लिए मार्गदर्शिका सिद्ध होगा। भाजपा की सांगठनिक मर्यादा और राष्ट्रवादी विचारधारा को समर्पित यह कार्यक्रम एक अनूठी और ऊर्जावान प्रस्तुति के रूप में अंकित हो गया। इस अवसर पर प्रभुदयाल पटेल, नपाध्यक्ष मिहीलाल,चैन सिंह, जयंती मौर्य, श्याम सुंदर मिश्रा, सौरभ केशरवानी,अशोक सिंह पड़रिया,अरविंद घोसी,भाजपा पदाधिकारी, बड़ी संख्या में, मातृशक्ति ,कार्यकर्ता और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने लोकतंत्र के इन सजग प्रहरियों के सम्मान में खड़े होकर करतल ध्वनि से अभिनंदन किया।

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