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हरिद्वार में इंटीग्रेटेड रोपवे, गणेशपुरम से डीएवी स्कूल, सिटी अस्पताल से दक्ष मंदिर

नेहा गर्ग जिला संवाददाता हरिद्वार

हरिद्वार में इंटीग्रेटेड रोपवे, गणेशपुरम से डीएवी स्कूल, सिटी अस्पताल से दक्ष मंदिर

धार्मिक नगरी हरिद्वार में बढ़ते यातायात दबाव और तीर्थ सीजन की चुनौतियों से निपटने के लिए इंटीग्रेटेड रोपवे और पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (पीआरटी) सिस्टम की महत्वाकांक्षी योजना को गति दी जा रही है। शहर में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना (डीडीयू पार्किंग–चंडी देवी–मनसा देवी एवं मल्टीमॉडल हब) को आगे बढ़ाने के लिए 18 फरवरी 2026 को डीएफसी प्रक्रिया संपन्न कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट को पीपीपी सेल से वेटिंग कराने को कहा गया है, ताकि वित्तीय एवं तकनीकी व्यवहार्यता सुनिश्चित की जा सके।

यह इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना हरिद्वार के प्रमुख धार्मिक स्थलों को सुव्यवस्थित और सुरक्षित कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। डीडीयू पार्किंग से श्रद्धालुओं को सीधे चंडी देवी और मनसा देवी मंदिर तक आधुनिक रोपवे सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। मल्टीमॉडल हब के माध्यम से विभिन्न परिवहन साधनों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा, जिससे शहर में जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

पीआरटी सिस्टम से शहर में बनेगा आधुनिक ट्रांजिट नेटवर्क

हरिद्वार में प्रस्तावित पीआरटी (पर्सनल रैपिड ट्रांजिट) परियोजना के अंतर्गत चार प्रमुख कॉरिडोर चिन्हित किए गए हैं—

सीतापुर से भारत माता मंदिर

सिटी अस्पताल से दक्ष मंदिर

ललतारौ चौक से भूपतवाला

गणेशपुरम से डीएवी पब्लिक स्कूल

करीब 20.73 किलोमीटर लंबाई वाले इस नेटवर्क में कुल 21 स्टेशन प्रस्तावित हैं। पीआरटी सिस्टम छोटे, स्वचालित और पर्यावरण अनुकूल वाहनों पर आधारित होगा, जो निर्धारित ट्रैक पर संचालित होंगे। इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन का विकल्प मिलेगा।

तीर्थ सीजन में मिलेगी बड़ी राहत

हरिद्वार में कांवड़ मेला, श्रावण मास और अन्य पर्वों के दौरान लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। प्रस्तावित रोपवे और पीआरटी परियोजनाएं विशेष रूप से तीर्थ सीजन के दौरान यातायात प्रबंधन में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से सड़क यातायात पर निर्भरता कम होगी, प्रदूषण में कमी आएगी और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। साथ ही स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक बढ़ावा मिलेगा।

समेकित विकास की दिशा में बड़ा कदम

इंटीग्रेटेड रोपवे और पीआरटी सिस्टम को एक समन्वित शहरी परिवहन मॉडल के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन और धार्मिक स्थलों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके। यदि परियोजना समयबद्ध रूप से धरातल पर उतरती है, तो हरिद्वार देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में आधुनिक ट्रांजिट सिस्टम अपनाने वाला अग्रणी शहर बन सकता है।

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