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कलेक्टर की अध्यक्षता में कृषक कल्याण वर्ष–2026 के सफल क्रियान्वयन हेतु कृषि एवं सहयोगी विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित

सुरेन्द्र दुबे डिस्टिक हेड धार 9425179527  , 18 फरवरी 2026।कृषक कल्याण वर्ष–2026 के सफल क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में कृषि एवं कृषि सहयोगी विभागों—उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सहकारिता विभाग—की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समस्त केंद्रीय एवं राज्य योजनाओं की गठित समिति के सदस्य, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) एवं प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कृषक कल्याण वर्ष–2026 के निर्धारित संकेतक बिंदुओं पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने धरती माता बचाओ अभियान के अंतर्गत अनुभाग एवं ग्राम स्तरीय समितियों की बैठकें आयोजित कर नरवाई प्रबंधन पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने, नरवाई प्रबंधन के नवाचार अपनाने वाले किसानों के वीडियो तैयार कर अन्य कृषकों को प्रेरित करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में संचालित सभी कंबाइन हार्वेस्टरों में स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाना अनिवार्य होगा। बिना स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम के कटाई करने पर संबंधित हार्वेस्टर मालिकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गेहूं फसल में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करते हुए किसानों को पर्यावरण प्रदूषण एवं मृदा स्वास्थ्य पर इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।बैठक में किसानों एवं कस्टम हायरिंग केंद्रों में उपलब्ध कृषि यंत्रों एवं कृषि ड्रोन का जे-फार्म एप पर पंजीयन सुनिश्चित कराने पर बल दिया गया, जिससे अन्य कृषक किराये पर कृषि यंत्रों का उपयोग कर सकें। उर्वरक ई-कृषि प्रणाली के अंतर्गत ई-टोकन जनरेट करने की प्रक्रिया की जानकारी अधिकारियों एवं कृषकों को दी गई तथा व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए।आगामी खरीफ मौसम में कपास की उच्च गुणवत्ता के बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा एचडीपीएस पद्धति से कपास उत्पादन बढ़ाने हेतु प्रशिक्षण आयोजित करने, पीएम मेगा टेक्सटाइल क्षेत्र में नरवाई आधारित वेस्ट-टू-एनर्जी एवं सीबीजी प्लांट की स्थापना हेतु संबंधित कंपनियों से समन्वय करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही लीड किसान उत्पादक संगठन का चयन करने, ग्रीष्मकालीन फसलों के उन्नत बीज उपलब्ध कराने तथा दलहन, तिलहन एवं मिलेट फसलों के क्षेत्र विस्तार पर जोर दिया गया।कलेक्टर ने पारंपरिक एवं विशिष्ट फसलों तथा देशी अनाजों के संग्रहण कर जी-आई टैग हेतु फसलों का चयन सुनिश्चित करने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा बैंकर्स मीटिंग में करने, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु चयनित क्लस्टरों में बायो-रिसोर्स सेंटर स्थापित कराने के निर्देश दिए। प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत किसानों को गौ-पालन हेतु प्रोत्साहित करने, दुग्ध संघ एवं सांची पार्लर की स्थापना तथा मांडू में कृषि पर्यटन मॉडल विकसित करने पर भी चर्चा की गई।जल संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लक्ष्यों की पूर्ति, एकीकृत जल प्रबंधन परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों की फार्मर आईडी बनाकर एग्री-स्टैक से जोड़ने तथा समस्त योजनाओं को डिजिटल कृषि के माध्यम से लागू करने के निर्देश दिए गए। कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत शासन द्वारा निर्धारित संकेतकों की साप्ताहिक समीक्षा एवं आगामी त्रिवर्षीय कार्ययोजना तैयार करने पर भी सहमति बनी।बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कृषि एवं सहयोगी विभागों के अधिकारी, गठित समितियों के सदस्य, किसान उत्पादक संगठन एवं प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।

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