
जिला संवाददाता प्रमोद कुमार gupta
गोला गोकर्ण नाथ छोटी काशी में लगने वाले ऐतिहासिक चैती मेला में मेला शुरू होने के आठवें दिन दिनाँक 4 अप्रैल को रात में हुयी एक घंटे की बरसात और नगर के मेला मैदान जहां पर ऐतिहासिक चैती मेला लगा है वहाँ पर पूरे मेला मैदान में एक से डेढ़ फीट तक पानी भरने के कारण मेले की सारी व्यवस्था ध्वस्त होती दिखती नजर आयी मेले में अधिकांश गालियों में जहां दुकानें लगी हुयी हैं उनमे पानी भर गया और दुकानदारों का काफी सामान इस पानी में भीग गया। बाहर से आए दुकानदारों ने झूले वालों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए रात में मेला मैदान पहुंचे संवाददाता को बताया कि उनका काफी सामान पानी में भीग कर खराब हो गया है और उनके पास ऐसी कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है जहां वह खाना बना कर खा सके और सो सके इनलोगों ने यह भी बताया कि उनका काफी नुकसान इस बरसात और जलभराव से हुआ है और वह दुकानों का किराया कैसे निकालेंगे। चैती मेला गोला का ऐतिहासिक मेला है और यह लगभग 120 वर्षों से लगता आ रहा है। सरकार की तरफ़ से इस वर्ष मेले के लिए 40 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट भी मेले को भव्य एवं सुन्दर बनाने के लिए मंजूर हुआ है फिर भी जल निकासी जैसी आम समस्याओं से निपटने के लिए नगरपालिका प्रशासन ने क्यूँ नहीं कोई पुख्ता इंतजाम किए। मेले में मिट्टी पटाव भी सही ढंग से नहीं किया गया जिसकी वजह से जल निकासी में अवरोध हुआ है।अब फ़िलहाल देखना यह है कि कल जो समस्या उत्पन्न हुए हैं उससे नगर पालिका प्रशासन क्या सीख लेता है और मेले में आगे ऐसी स्तिथि ना उत्पन्न हो इसके लिए क्या तैयारियां करेगा। फ़िलहाल मेले में बाहर से आए दुकानदारों और झूले वालों को कल जलभराव से जो परेशानियों का सामना करना पड़ा इससे उनमे रोष देखा गया।






