

बलौदाबाजार, 8 अप्रैल 2026 — जनदर्शन में उस वक्त एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने भीड़ के बीच एक लाचार दिव्यांग की पीड़ा को न केवल सुना, बल्कि उसके पास बैठकर उसकी हर बात को गंभीरता से समझा। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना का जीवंत उदाहरण बन गया।
तहसील टुंडरा के ग्राम खपरीडीह निवासी दिव्यांग हृदय केवट अपनी गंभीर बीमारी और पारिवारिक उपेक्षा से टूट चुके थे। अपनों से मिले तिरस्कार और हक से वंचित होने की पीड़ा लेकर वे जनदर्शन पहुंचे थे। उन्होंने कांपती आवाज़ में बताया कि उनकी शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन परिवार के सदस्य—मां और छोटे भाई—न तो इलाज में साथ दे रहे हैं और न ही पैतृक संपत्ति में उनका अधिकार दे रहे हैं।
उनकी व्यथा सुनकर कलेक्टर शर्मा खुद उनके पास पहुंचे, जमीन पर बैठकर आवेदन पढ़ा और हर पहलू को संवेदनशीलता के साथ समझा। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पीड़ित को हर हाल में न्याय मिले।
भूमि और संपत्ति विवाद के समाधान के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कसडोल रामरतन दुबे को विस्तृत जांच कर पीड़ित को उसका वैधानिक अधिकार दिलाने के निर्देश दिए गए। वहीं, हृदय केवट की बिगड़ती सेहत को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी को तत्काल समुचित उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए।
कलेक्टर की इस मानवीय पहल ने न केवल एक पीड़ित के मन में न्याय की उम्मीद जगाई है, बल्कि यह भी साबित किया है कि प्रशासन यदि संवेदनशील हो, तो हर दर्द की सुनवाई संभव








