
सागर। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664*सतना मध्य प्रदेश प्यार न सरहदें देखता है और न ही सलाखें। कुछ ऐसी ही मिसाल पेश की है सतना की सहायक जेल अधीक्षिका फिरोजा खातून ने, जिन्होंने हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुके धर्मेंद्र सिंह चंदला के साथ सात फेरे लेकर जीवन भर का साथ निभाने का वादा किया है। 5 मई को हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह विवाह संपन्न हुआ। रीवा की रहने वाली फिरोजा खातून सतना केंद्रीय जेल में सहायक जेल अधीक्षक (वारंट इंचार्ज) के पद पर तैनात हैं। वहीं, धर्मेंद्र सिंह चंदला साल 2007 में चंदला नगर परिषद के उपाध्यक्ष की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। जेल में धर्मेंद्र के अच्छे आचरण के कारण उसे प्रशासनिक कार्यों में सहयोग की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी दौरान फिरोजा और धर्मेंद्र के बीच बातचीत शुरू हुई, जो समय के साथ गहरे प्रेम में बदल गई। विरोध के
इस प्रेम कहानी में सामाजिक और पारिवारिक चुनौतियां भी कम नहीं थीं। बताया जा रहा है कि फिरोजा के परिजन इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे और उन्होंने शादी से दूरी बना ली। ऐसे में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आगे आकर फिरोजा का कन्यादान किया और विवाह की सभी रस्में पूरी करवाईं। धर्म की दीवार को दरकिनार कर फिरोजा ने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया।सजा काटकर चार साल पहले रिहा हुआ था धर्मेंद्र सिंह चंदला ने हत्या के मामले में करीब 14 साल जेल में बिताए। जेल नियमों के तहत अच्छे व्यवहार के आधार पर उसे चार साल पहले ही रिहा कर दिया गया था। जेल से बाहर आने के बाद भी दोनों का संपर्क बना रहा और अंततः उन्होंने अपने रिश्ते को विवाह का नाम देने का फैसला किया।शादी की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद समाज में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग इसे रूढ़ियों को तोड़ने वाली एक सच्ची प्रेम कहानी और धार्मिक सद्भाव की मिसाल मान रहे हैं। आलोचक: कुछ लोग एक सरकारी अधिकारी और कैदी के बीच ड्यूटी के दौरान बने संबंधों की नैतिकता पर सवाल उठा रहे हैं।



