

बलौदाबाजार।
अगर आप सोचते हैं कि सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटना आपकी नियति है, तो बलौदाबाजार प्रशासन ने इस सोच को बदलने की ठान ली है! जिले में 18 से 25 मई 2026 तक ‘जनजातीय गरिमा उत्सव’ का शंखनाद हो चुका है। सरकार खुद चलकर जनता के द्वार आ रही है, और नारा बड़ा ही दमदार है— “सबसे दूर, सबसे पहले”।
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने साफ कर दिया है कि वीआईपी ट्रीटमेंट सिर्फ शहरों के लिए नहीं, बल्कि जिले के उन 46 जनजातीय बाहुल्य गांवों के लिए है, जहां अब तक विकास की किरणें थोड़ी धीमी पहुंचती थीं।
डायरी में नोट कर लीजिए ‘उत्सव का टाइम-टेबल’
सरकारी काम अब ढुलमुल रवैये से नहीं, बल्कि एक तय टाइम-टेबल से चलेंगे। अगले कुछ दिनों का शेड्यूल कुछ ऐसा है:
तारीख क्या होने वाला है? (एक्शन प्लान)
18 मई उत्सव का धमाकेदार शुभारंभ हो चुका है!
19 से 25 मई संतृप्तिकरण शिविर: योजनाओं का लाभ और साथ में फ्री हेल्थ चेकअप।
20 मई ग्राम भ्रमण: अधिकारी एसी कमरों से निकलकर धूल-मिट्टी के बीच गांव का हाल जानेंगे।
21 से 23 मई जनसुनवाई: आपकी समस्या, अधिकारियों का सीधा समाधान।
24 और 25 मई दस्तावेजीकरण: कागजी कार्रवाई को मुकम्मल कर फाइलों को क्लोज किया जाएगा।
“नो पेंडिंग गेम”: 15 जुलाई तक फाइलों का निपटारा!
राजस्व मामलों को लेकर कलेक्टर साहब ने कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा है—
“6 महीने से ज्यादा पुरानी फाइलें टेबल पर नहीं दिखनी चाहिए। 15 जुलाई तक मुहीम चलाकर इन्हें खत्म करें। इसके बाद अगर कोई केस 3 महीने से ज्यादा अटका, तो खैर नहीं!”
पटवारी और सचिवों के लिए ‘अल्टीमेटम’: अब जनता को यह ढूंढने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा कि ‘साहब’ कब मिलेंगे। पटवारी और सचिव को अपने पंचायत कार्यालय की दीवार पर बकायदा चस्पा करना होगा कि वे किस दिन और किस समय वहां मौजूद रहेंगे। यानी, अब लुका-छिपी का खेल बंद!
खेती-किसानी और सड़कों पर ‘एक्शन मोड’
नैनो यूरिया का चलेगा जादू: आगामी खरीफ सीजन के लिए समितियों में खाद-बीज का स्टॉक फुल रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, किसानों को मॉडर्न खेती की तरफ मोड़ते हुए ‘नैनो यूरिया’ और ‘नैनो डीएपी’ के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
बारिश से पहले सड़कें चकाचक: मानसून आने से पहले सभी सड़क निर्माण कार्यों को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है, ताकि बारिश में जनता को कीचड़ से न जूझना पड़े।
पेट्रोल पंपों पर पैनी नजर: पेट्रोल-डीजल की सप्लाई और शुद्धता को लेकर एसडीएम और तहसीलदार लगातार ‘सरप्राइज चेकिंग’ करेंगे।
डिवाइडर में अपनी मर्जी से ‘कट’ मारा, तो होगी जेल! (सड़क हादसे रोकने का नया फॉर्मूला)
अक्सर देखा जाता है कि लोग शॉर्टकट के चक्कर में या दुकानें चमकाने के लिए सड़क के डिवाइडर को बीच से ही तोड़ देते हैं। अब ऐसा करने वालों की खैर नहीं। कलेक्टर ने साफ कहा है कि शहरों में डिवाइडर पर ‘कट’ कहां होगा, यह एक विशेष कमेटी तय करेगी।
ट्विस्ट यह है कि अगर किसी अनाधिकृत कट की वजह से एक्सीडेंट हुआ, तो सिर्फ गाड़ी वाले की गलती नहीं मानी जाएगी, बल्कि उस सड़क को बनाने वाली एजेंसी को भी आरोपी (पक्षकार) बनाया जाएगा।
बैठक में दिग्गजों की मौजूदगी
इस हाई-लेवल मीटिंग में कलेक्टर कुलदीप शर्मा के साथ जिला पंचायत सीईओ सुश्री दिव्या अग्रवाल, अपर कलेक्टर अभिषेक गुप्ता, निशा नेताम मड़ावी समेत सभी विभागों के जिले के ‘कप्तान’ (अधिकारी) मौजूद थे।
हमारा नजरिया: प्रशासन का यह कड़ा और जनता के प्रति समर्पित रुख वाकई तारीफ के काबिल है। अब देखना यह है कि 25 मई तक बलौदाबाजार के इन 46 गांवों की सूरत कितनी बदलती है!









