

इस अवसर पर जूसरी निवासी श्री मनोज जांगिड़ को प्रतियोगिता में उत्कृष्ट एवं रचनात्मक योगदान, हिंदी-अंग्रेजी में पाठ्यक्रम एवं बुकलेट निर्माण, परीक्षा गाइडलाइन, प्रश्नपत्र, ओएमआर व अन्य परीक्षा प्रपत्र तैयार करने, सातों परीक्षा केन्द्रों के सफल संचालन तथा प्रदेश में द्वितीय सर्वाधिक आवेदन प्राप्त कराने पर “सर्वश्रेष्ठ जिला परीक्षा प्रभारी” सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान वरिष्ठ आईएएस डॉ. सुमित शर्मा एवं डॉ. जोगाराम जांगिड़ ने प्रदान किया।
समारोह में डीडवाना-कुचामन जिले के 17 मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। मकराना की अमाया शर्मा को जूनियर वर्ग में संभाग स्तर पर प्रथम तथा मौलासर की रिया जांगिड़ को द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर विशेष सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम में जिले से समाज का प्रतिनिधिमंडल बस द्वारा जयपुर पहुँचा। इसमें कार्यकारी अध्यक्ष उमाशंकर जांगिड़, महिला जिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष ममता जांगिड़, केंद्र प्रभारी दिनेश जी, जगदीश जी, रामकिशोर जी, जीतमल जी, डॉ. गजेंद्र जी, नावां तहसील अध्यक्ष रामनिवास जी, विनोद जी, मदन लाल जी बूढ़ल पूर्व मंदिर अध्यक्ष परबतसर,विश्वकर्मा मंदिर मकराना के कार्यकारी अध्यक्ष रामेश्वर लाल जांगिड़, अध्यक्ष किस्तूरचंद जांगिड़, महिला मंडल अध्यक्ष प्रेमलता जांगिड़, कैलाश चंद जाला, मुरारीलाल जांगिड़, पूनमचंद जांगिड़, महेश जांगिड़, संगीता जांगिड़, सीमा जांगिड़, सरोज जांगिड़, पिंकी जांगिड़, वेदप्रकाश जांगिड़ तथा लाडनूं से कमलकिशोर जी एवं गोपाल जी सहित अनेक समाजबंधुओं ने सहभागिता निभाई।
समारोह में अतिथियों ने शिक्षा, संगठन एवं प्रतिभा सम्मान की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बताया। डॉ. दिनेश जांगिड़ ‘सारंग’ ने सभी पदाधिकारियों, परीक्षा प्रभारियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की एकजुटता से यह अभियान निरंतर नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। डीडवाना-कुचामन जिले की उपलब्धियों और सम्मानित प्रतिभाओं ने पूरे जिले का गौरव बढ़ाया।











