
श्रवण साहू,कुरूद। नगर के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल समेत कई स्कूलों के सामने ब्रेकर नहीं बने हैं। जिस कारण इस मार्ग से दोपहिया से लेकर चारपहिया व भारी वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं। यह स्कूल नगर के मुख्य सड़क पर मौजूद है। इससे छात्र-छात्राओं के साथ दुर्घटना की हर पल संभावना बनी रहती है। पालक की मांग पर संस्था की ओर से एसडीएम व एसडीओपी को कई मर्तबा पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका है। इसके बाद भी स्थानीय प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। कुछ माह पहले एक स्कूली बच्चे के साथ दुर्घटना घट चुकी हैं, इसके बावजूद इन स्कूलों के सामने ब्रेकर नहीं बनाए गए हैं। पालक अपने जिगर के टुकड़े की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
गौरतलब है कि नगर का यह मार्ग अति व्यस्तम वाला मार्ग हैं। इसी सड़क के दोनों तरफ स्कूल और सरकारी दफ्तर स्थित हैं। कामकाज निपटाने लोगों का दिनभर आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में इससे छात्र-छात्राओं के साथ दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन भी स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग कर थक चुका है। आमतौर पर स्कूलों के सामने स्पीड ब्रेकर बनाए जाते है। लेकिन यहां न तो संकेतक लगा हुआ है और न ही गति अवरोधक बनाए गए है। सोमवार को सेजेस प्राचार्य मनेश सींग ने एसडीएम को पत्र लिखकर स्पीड ब्रेकर बनाने व बेरिकेटिंग लगाने की मांग की है।

प्राचार्य की पहल : इस संबंध में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल कुरूद के प्राचार्य मनेश कुमार सिंग ने कहा कि यहाँ दो पाली में कक्षाएं संचालित होती है। जिस कारण विद्यालय छूटने के समय भीड़ हो जाती है। जिस कारण हमेशा हादसे का डर बना रहता है। लंच व छुट्टी के समय बच्चों पर विशेष ध्यान देना होता है। यहां स्पीड ब्रेकर की बेहद जरूरत है। स्पीड ब्रेकर बनवाने व बेरिकेडिंग लगाने एसडीएम कुरूद को पत्र लिखकर निवेदन किया गया हैं।
पालकों में आक्रोश : पालक अशोक साहू, भागवत राम, योगमाया साहू, मंजू, नंदनी, रोमपाल साहू, चैनसिंह ध्रुवंशी, राजू साहू, चंद्रहास सोनकर, गणेश राम, ओमेश्वर साहू, प्रमोद, लखन , नीरज व अन्य पालकों ने कहा कि रोड में तेज रफ्तार वाहनों से गुजरते रहते हैं जिससे मन मे भय रहता हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। प्रशासन जल्द ही स्पीड ब्रेकर बनाएं। छुट्टी के समय कोई सुरक्षकर्मी की भी व्यवस्था करें।
कुछ महीने पहले एक बच्चा हो चुका हादसे का शिकार : नियमानुसार स्कूल के सामने से निकलते समय वाहनों की स्पीड 20 किमी प्रति घंटा होनी चाहिए। मगर स्कूलों के सामने से दो पहिया वाहन फर्राटे से दौड़ते है तो चौपाया वाहनों की भी यही हालत है। इससे प्रतिदिन बच्चों के साथ अनहोनी की आशंका बनी रहती है।बता दें कि कुछ महीनों पहले नगर के व्यवसायी सूरज देवांगन के बच्चे को स्कूल से निकलते वक्त बाइकसवार ने जोरदार टक्कर मार दी थीं जिसमें बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया था। इससे आक्रोशित नगर के व्यापारी व भाजपा नेताओं ने थाना का घेराव कर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने व स्पीड ब्रेकर लगाने मांग की थी।
लापरवाही पड़ सकती है भारी : प्रशासन की यह लापरवाही बच्चों पर कभी भी भारी पड़ सकती है। तेज गति से निकलने वाले वाहनों के कारण बच्चे इनकी चपेट में आ भी चुके हैं। खास बात यह है कि यहां पर वाहनों की गति धीमी करने के लिए संकेतक बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी : एसडीएम डी डी मंडावी का कहना है कि संबंधित थाना प्रभारी को बेरिकेडिंग की व्यवस्था करने निर्देशित कर दिया गया है जल्द ही स्कूलों के सामने बेरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी।






