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रीठी अस्पताल के प्रसाधनों में लटक रहे ताले, लोगों ने कहा हो सकता है यहां विभाग का रखा हो खजाना

मरीज व उनके परिजन हो रहे परेशान, पानी की भी व्यवस्था नहीं, जिम्मेदार अंजान

कटनी, रीठी।। GANESH UPADHYAY VANDE BHARAT LIVE TV NEWS KATNI MP. IMG 20240721 WA0002 1

सरकार जिला स्तर से लेकर गांव तक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार कर रही है, लेकिन अधिकारियों की मनमर्जी के चलते ग्रामीणों को उसका सही लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मूल सुविधा के लिए लोग इधर-उधर भटक रहे हैं।IMG 20240721 WA0004
कटनी जिले के रीठी विकास खंड मुख्यालय में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है। कहने को तो यहां सर्वसुविधायुक्त तीस बिस्तरों का सरकारी अस्पताल है, लेकिन हकीकत यह है कि उक्त अस्पताल में सुविधा के नाम पर मलहम तक नहीं है। सरकारी तनख्वाह लेने वालों की तो अस्पताल में लंबी लाइन लगी है, लेकिन सही सेवाएं सिर्फ दो-चार ही दे रहे हैं। जबकि अधिकांश कर्मचारी तो अफसरशाही के वायरस से ग्रसित हैं। अभी हाल ही में रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक ताजा मामला सामने आया है। जो सोसल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है।IMG 20240721 WA0003

देखा गया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी में बने सभी प्रसाधनों में विभाग द्वारा ताला जड़ दिया गया है। जिससे मरीजों व उनके परिजनों को शौच के लिए खुले आसमान के नीचे जाना मजबूरी बन गया है। वहीं अस्पताल परिसर के सभी प्रसाधनों में ताले देख लोग तंज भी कसने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। रीठी निवासी रीतेश तिवारी का कहना है कि रीठी अस्पताल में बने प्रसाधनों में शायद विभाग का खजाना रखा हुआ है। जिसके चलते इन्हें ताले में कैद कर बड़ी सुरक्षा रखी गई है।IMG 20240721 WA0002

पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं
बताया गया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। जबकि अस्पताल में पदस्थ लिपिक द्वारा प्रतिदिन दो-तीन टेंकरों का बिल लगाकर शासकीय राशि आहरित की जाती है। बावजूद इसके रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पानी की समस्या बनी रहती है। जबकि हकीकत यह है कि दिन सिर्फ एक टेंकर पानी ही अस्पताल में भरा जाता है। जो जल्दी खत्म हो जाता है और फिर अस्पताल में पानी की किल्लत मची रहती है।

सूत्रों की मानें तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी में वर्षों से जमें कर्मचारियों द्वारा खुलेआम मनमानी की जा रही है। बताया जाता है कि इन कर्मचारियों की राजनैतिक गलियारों में भी पकड़ मजबूत है जिसके चलते अधिकारी भी इन पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। बताया जाता है कि वर्षों से अंगद के पैर की तरह जमें कर्मचारियों द्वारा मरीज व उनके परिजनों से अभद्र व्यवहार भी किया जाता है।

चहुंओर लगा गंदगी का ढेर

खास बात तो यह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी में चहुंओर गंदगी का ढेर लगा हुआ है। प्रवेश द्वार से ही लोग अपने मुंह व नाक में कपड़ा लगाकर अंदर प्रवेश करते हैं। देखा गया कि अस्पताल के स्टाफ द्वारा भी परिसर की दीवारों को गुटखा की पीकों से लाल कर रखा गया है। अस्पताल खिड़कियां हों या दीवार के कोनो सभी गुटखे की पीक से लाल पड़े हुए हैं।

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