A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेउत्तर प्रदेशताज़ा खबरप्रताप गढ़

भगवान शंकर भक्त की मनोकामना पूर्ण करने के महादेव- सिद्धि विनायक जी

भगवान शंकर भक्त की मनोकामना पूर्ण करने के महादेव- सिद्धि विनायक जी

लालगंज एवं घुइसरनाथ धाम में श्रीशिवमहापुराण कथा श्रवण को उमड़े श्रद्धालु

IMG 20240724 WA0007 1कथा सुनाते पं. सिद्धि विनायक ओझा जी

लालगंज, प्रतापगढ़। नगर के संगम चौराहे के समीप हो रही श्रीशिवमहापुराण कथा में बुधवार को भगवान शंकर के कल्याणकारी स्वरूप का वर्णन सुन शिवभक्त मंत्रमुग्ध हो उठे। कथाव्यास श्री सिद्धि विनायक ओझा ने कहा कि परमात्मा जीव के प्रति सदैव दयावान रहा करता है। उन्होनें कहा कि भक्त जब भी करूणा के साथ महादेव का स्मरण किया करता है, भगवान भोलेनाथ अपने भक्त की मनोकामनाएं पूर्ण किया करते हैं। उन्होनें कहा कि भगवान शंकर के हर स्वरूप में जगत के कल्याण का ही भाव निहित है। प्रारम्भ में आचार्य विनोद त्रिपाठी तथा प्रधानाचार्य एसएन त्रिपाठी व समाजसेवी पं. यज्ञेशदत्त त्रिपाठी ने व्यासपीठ का पूजन अर्चन किया। कथा के दौरान शिव महिमा से जुड़े भजनों को सुनकर भी श्रद्धालु भावविभोर दिखे। संयोजक रामकृष्ण ओझा, त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल व इं. हिमांशु ओझा ने कथाव्यास का श्रीअभिषेक किया। कथा श्रवण के दौरान नितेश द्विवेदी, विष्णु सिंह, डिंपल सिंह, शशिकांत मिश्र, आरती ओझा, अंजलि ओझा, सुमन शुक्ला, चम्पा देवी, अम्बरीश मिश्र, राजेन्द्र प्रसाद तिवारी, बबलू तिवारी, रामधन विश्वकर्मा आदि रहे। इधर बाबा घुइसरनाथ धाम में हो रही नौ दिवसीय श्रीशिवमहापुराण कथा में भी श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी दिखी। कथाव्यास आचार्य मनीष कृष्ण शास्त्री जी ने कहा कि भगवान शिव ने जगत कल्याण के लिए आवश्यकता पड़ने पर आतताईयों का संहार किया। उन्होनें कहा कि विश्व को समृद्धि बनाने के लिए शांति के वातावरण का सृजन शिवमहिमा का सार है। आचार्य मनीष कृष्ण शास्त्री जी ने बताया कि भगवान शंकर दयालु हैं। वहीं उन्होंने बताया कि आतताई यदि किसी संत पुरूष को कष्ट देने का उपक्रम किया करता है तब उसे भगवान शिव के महाप्रकोप का दण्ड भी अवश्य मिला करता है। प्रारम्भ में आचार्य पीयूष कृष्ण शास्त्री तथा वृन्दावन धाम से पधारे आचार्य आशीष किंकर जी ने भगवान भोलेनाथ का स्तुति वंदन किया। इस मौके पर डा. मान सिंह, रामकृष्ण मिश्र, नन्हें नगरहा, रामप्रताप मिश्र, पवन मिश्र प्रखर, आदित्य नारायण मिश्र, हृदय नारायण मिश्र, रामू मिश्र, फूलचंद्र पाण्डेय आदि रहे।

[yop_poll id="10"]
Show More
Back to top button
error: Content is protected !!