
कटनी, रीठी।। GANESH UPADHYAY VANDE BHARAT LIVE TV NEWS KATNI MP.
आदिवासी अंचल में छात्रों को शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़ने जब शिक्षकों ने विद्यालय ना आने वाले पालकों के घर जाकर संपर्क करना शुरू किया तो शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नैगवां के छात्र शुभम जिसका नवमी कक्षा में प्रवेश हुआ ही नहीं था। उसके घर पहुंचे तो वह अकेला था पूछने पर उसने कहा सर में स्कूल आता हूं। जब वह स्कूल आया तो उस विद्यालय में न आने का कारण पूछा जिसे वह बता नहीं पाया। उसकी एक बहन जय कुमारी भी दसवीं पास होकर 11वीं में प्रवेश नहीं ले पा रही थी उसे भी बुलाया और जब उसकी मां से पूछा गया कि बच्चों को क्यों नहीं पढ़ा रही तो उन्होंने कहा सिर्फ एक-एकड़ जमीन है और चार बच्चों का लालन-पालन नहीं हो पा रहा है। पति की मृत्यु काफी पहले हो चुकी है। फीस के लिए पैसे नहीं है जब यह सुनकर प्राचार्य ने सहृदयता पूर्वक दोनों छात्रों को कक्षा 12वीं तक निशुल्क शिक्षा देने का बीड़ा उठाया और इस पुनीत काम में स्टाफ ने भी हामी भर दी। बताया गया कि न केवल छात्रों की परीक्षा फीस बल्कि ड्रेस सहित अन्य सामग्री भी उन्हें विद्यालय परिवार ही देगा।
ऐसे अन्य छात्र जिनके पिता इस संसार में नहीं है उन्हें भी निशुल्क शिक्षा दी जाएगी। जो आवश्यक फीस है वह भी विद्यालय का स्टाफ जमा करेगा। जिला शिक्षा अधिकारी पी पी सिंह एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी प्रवीण तिवारी के मार्गदर्शन में विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य विपिन तिवारी पहले भी ऐसे छात्रों की मदद कर चुके हैं और होली और दिवाली में भी ऐसी सामग्री वितरित कर चुके है। उन्होंने बताया कि जब फीस न होने की बात सामने आई तो सोचा कि त्योहार कैसे मनाते होंगे तो यह तय किया कि रक्षाबंधन के पर्व पर विद्यालय आने वाली हर छात्रा को रुमाल मिठाई और राखी भेंट की गई और उनसे कहा गया कि यह सामग्री इसलिए दी जा रही है कि केवल त्यौहार उत्साह से मनाए। बल्कि शासन की सभी योजनाएं विद्यालय में मिल रही है। आगे आकर शिक्षा अध्ययन करें और अपने गांव और विद्यालय का नाम रोशन करें।सामग्री प्रकार छात्रों के चेहरे खिल उठे उनकी शिक्षा में जो भी कमी आड़े आएगी उसे पूरा करने का प्रयास करेंगे। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के जय प्रकाश पटेल, अनिल यादव, सेवाकांत मिश्रा, प्रीति विश्वकर्मा, आरती पटेल, संजय श्रीवास्तव, धर्मेंद्र सिंह, संतोष चौधरी सहित अन्य जन उपपस्थित थे। नागरिकों ने शिक्षकों के इस कार्य की सराहना की है।






