A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेआगराउत्तर प्रदेश
Trending

डरावना है डिजिटल अरेस्ट: अधिवक्ता भी न जान पाया हकीकत, कुढ़-कुढ़ कर बिताए 48 घंटे; हर पल था मौत के बराबर

गिरफ्तारी के भय में 48 घंटे कुढ़-कुढ़ कर बिताए। समाज में इज्जत खोने के डर से हर पल मौत के बराबर लगता था।

शिवम् सिकरवार आगरा:उत्तर प्रदेश के आगरा में साइबर अपराधियों ने वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कुमार गोयल को 48 घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा। मनी लॉड्रिंग केस में सीबीआई जांच और गिरफ्तारी का भय दिखाकर खाते में रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। हर घंटे का अपडेट लेते रहे। बाद में अधिवक्ता ने रकम ट्रांसफर करने से इंकार कर दिया। मामले में साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
21 08 2024 cyber fraud
अधिवक्ता अनिल कुमार गोयल मदिया कटरा के रहने वाले हैं। वह वर्ष 2016 में आगरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि 18 अगस्त की सुबह 9:30 बजे एक वीडियो कॉल आया। इसमें कॉल करने वाले की आवाज सुनाई दे रही थी। मगर, चेहरा नजर नहीं आ रहा था।
उसने खुद को टेलीकॉम कंपनी का प्रतिनिधि बताया। कहा कि आपके नंबर से मैसेज भेजे जा रहे हैं। रुपयों का लेन-देन भी हो रहा है। मनी लॉड्रिंग का मामला है। आपके केस में सीबीआई जांच कर रही है। यह सुनकर अनिल कुमार घबरा गए।

कॉलर ने कॉल काटने से मना कर दिया। कॉल सीबीआई अधिकारी के पास ट्रांसफर करने की कहकर राजेश प्रधान नाम के व्यक्ति ने बात की। खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर धमकाना शुरू कर दिया। आधार कार्ड, बैंक खाते आदि की जानकारी ले ली। बाद में कहा कि कॉल कटने पर आपको हर घंटे का अपडेट देना होगा। इस पर वह मैसेज से जानकारी देते रहे। रात तकरीबन 9 बजे तक मैसेज किए।

बैंक बंद होने का मिला फायदा
19 अगस्त को सुबह 10 बजे फिर से सीबीआई अफसर बनकर बात की गई। कहा कि आपके खाते में 67 लाख रुपये आए हैं। इस मामले में जेल भेजने की धमकी देकर खाते में रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाने लगे। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन की वजह से बैंक बंद हैं। वह ऑनलाइन भी लेन-देन नहीं करते हैं। मंगलवार को रकम ट्रांसफर कर देंगे। इस बार भी रात 9 बजे तक अपडेट लिया गया।

डीसीपी बनकर पुलिस घर भेजने की दी धमकी
मंगलवार सुबह 10 बजे एक बार फिर कॉल पर बात की। उन्होंने रुपये बिना पड़ताल के देने से मना कर दिया। इस पर उनकी एक अन्य से बात कराई। इस बार वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति नजर आया। वह खुद को डीसीपी बता रहा था। अपने साथ के लोगों से उनकी गिरफ्तार कर लाने की बात कर रहा था। इससे वो घबरा गए। हालांकि रकम ट्रांसफर करने से इंकार कर दिया। इस पर कॉल कट कर दिया।
स्थानीय पुलिस की सहायता लें
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि वीडियो कॉल करके अगर, कोई सीबीआई अधिकारी बताता है या फिर पुलिस से गिरफ्तार कराने का भय दिखाता है तो समझ जाएं साइबर अपराधी ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे लोगों के झांसे में नहीं आना चाहिए। अपने खाते की जानकारी नहीं दें। कोई रकम भी ट्रांसफर नहीं करनी चाहिए। कॉल आने पर तत्काल स्थानीय पुलिस की सहायता लें।

[yop_poll id="10"]
Show More
Back to top button
error: Content is protected !!