
RITHI कटनी।। GANESH UPADHYAY VANDE BHARAT LIVE TV NEWS KATNI MP.
गिले-शिकवे भुलाकर परस्पर प्रेम और सद्भाव के साथ रक्षाबंधन के दूसरे दिन मनाये जाने वाला मेलजोल, खुशहाली, प्रकृति, प्रेम से जुड़ा कजलियां पर्व रीठी में मंगलवार को बड़े ही हर्षोल्लास व भाईचारे के साथ आपसी मतभेद मिटाते हुए मनाया गया। रिश्तों में मिठास घोल देने वाला एकता का प्रतीक कजलियां पर्व नगर सहित ग्रामीण अंचलों में भी बड़े ही सद्भाव के साथ मनाया गया। नगर में घरों पर बोई गई कजलियों को स्थानीय सिंघैया तालाब व देवलिया जलाशय में परंपरागत तरीके से विसर्जित किया गया। मंगलवार की शाम को तालाब व नदियों में कजलियां विसर्जित करने लोगों का मेला लगा रहा। महिलाएं व बच्चियां अपने-अपने सिर पर कजलियां रखकर घाटों तक पहुंची। इसके बाद पर्व की शुरुआत हुई जो देर रात तक चलती रही। जहां लोगों ने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे से मेल-मिलाप कल पर्व की बधाई दी वहीं छोटों ने बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। बड़ों ने भी आपसी मोहब्बत और सामाजिकता का आशीर्वाद दिया।
घाटों पर नहीं थे सुरक्षा के इंतजाम
देखा गया कि वर्षों पुराने परंपरागत कजलियां पर्व को लेकर रीठी मुख्यालय में प्रशासन स्तर पर कोई खास व्यवस्था नहीं की गई थी। नगर के सिंघैया तालाब व देवलिया जलाशय में जहां एक ओर कजलियां विसर्जित करने लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा था तो वहीं दूसरी ओर घाटों पर सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन द्वारा कोई भी इंतजाम नहीं किए गए थे। लोगों का कहना है कि त्यौहारों के दौरान नदी-तालाबों में घटित होने वाले हादसे अधिकतर प्रशासनिक अनदेखी के चलते ही होते हैं।



