
*पीडब्ल्यूएस शिक्षालय शिक्षा के मंदिर के साथ बनेगा अद्वितीय शैक्षिक महाक्रांति का महाअभियान*
— 1 ईंट 1 रुपए के जन सहयोग से शैक्षिक महाक्रांति का महाआभियान।
परमशक्ति धाम, अयोध्या। अयोध्या विकास क्षेत्र के परमशक्ति धाम, गोरसरा शुक्ल में 1 ईंट 1 रुपए के जन सहयोग से निर्माणाधीन पीडब्ल्यूएस शिक्षालय शिक्षा के मंदिर के साथ अद्वितीय शैक्षिक महाक्रांति के महाअभियान की पूर्णतया लोकतांत्रिक कार्य योजना है।
उपरोक्त के संदर्भ में जानकारी देते हुए पीडब्ल्यू lएस प्रमुख तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर के पाण्डेय एडवोकेट ने बताया किया कि 1 ईंट 1 रूपये के जन सहयोग से निर्माणाधीन पीडब्लूएस शिक्षालय भारतवर्ष का अभी तक का एकमात्र ऐसा स्थाई प्रकल्प बन रहा है जोकि शिक्षा के मंदिर के रूप में समाज के सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का एक अद्वितीय प्रकल्प होगा। आर के पाण्डेय एडवोकेट ने बताया कि पीडब्लयूएस शिक्षालय में जहां आम जनमानस के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी वहीं पर समाज के सभी निर्धन बेसहारा बच्चों को पूर्णतया निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था होगी। इस प्रकार इसके संकल्प में समाज में शत प्रतिशत साक्षरता के साथ अपने राष्ट्र भारतवर्ष को एक शिक्षित, विकसित व आत्मनिर्भर विश्वगुरु राष्ट्र बनाने का संकल्प समाहित है।
*पीडब्लयूएस शिक्षालय की कार्य योजना क्यों है अद्वितीय शैक्षिक महाक्रंति*
इस बाबत कार्य योजना का खुलासा करते हुए आर के पाण्डेय एडवोकेट ने बताया कि पीडब्ल्यूएस शिक्षालय स्वतंत्र भारतवर्ष के विगत 78 वर्षों के लोकतांत्रिक भारत वर्ष का अभी तक का एकमात्र ऐसा शिक्षा का मंदिर बनने जा रहा है जहां पर 1 राष्ट्र, 1 शिक्षा, 1 व्यवस्था के अंतर्गत आम जनमानस के बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ समाज के सभी निर्धन बेसहारा बच्चों को पूर्णतया निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था होगी अर्थात समाज में कोई भी शिक्षा से वंचित नहीं होगा। इस प्रकार भारतवर्ष में पहली बार कोई ऐसा शिक्षा का केंद्र स्थापित हो रहा है जहां समाज में शत प्रतिशत साक्षरता की व्यवस्था होगी।
*पीडब्ल्यूएस शिक्षालय क्यों है अभूतपूर्व*
इस संदर्भ में आर के पाण्डेय एडवोकेट ने बताया कि स्वतंत्र भारतवर्ष में जहां 78 साल की लोकतांत्रिक व्यवस्था में आईसीएससी, आईएससी, सीबीएसई, स्टेट बोर्ड, मदरसा बोर्ड आदि ना जाने कितने बोर्ड के जरिए वह शिक्षा की विभिन्न व्यवस्थाओं के माध्यम से समाज को बुरी तरह बांट दिया गया है वहीं पर 1 राष्ट्र, 1 शिक्षा, 1 व्यवस्था के अंतर्गत पीडब्ल्यूएस शिक्षालय पहली बार देश में एक समान व्यवस्था स्थापित करने जा रहा है। इस तरह से अभी तक स्वतंत्र भारत का यह अभूतपूर्व शैक्षिक व्यवस्था बन रहा है।
*शैक्षिक महाक्रांति के महाअभियान की पीडब्ल्यूएस शिक्षालय की अद्वितीय महाक्रांतिकारी व्यवस्था के संचालन की व्यवस्था*
इसके बारे में बात करते हुए आर के पाण्डेय एडवोकेट ने बताया कि पीडब्ल्यूएस शिक्षालय को अभूतपूर्व, अद्वितीय व्यवस्था का रूप देने के लिए भारतवर्ष के सभी राज्यों के प्रतिनिधित्व सहित कुल 111 विशिष्ट समाजसेवियों के द्वारा इसके राष्ट्रीय टीम का गठन हो रहा है जिसमें से अति विशिष्ट 9 समाजसेवियों को मिलाकर इसके प्रबंध समिति की व्यवस्था बनेगी और इस प्रकार पीडब्ल्यूएस शिक्षालय का निर्माण व संचालन पूरे भारत वर्ष के विशिष्ट समाजसेवियों के देख-रेख में होना सुनिश्चित है।





