
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल(पंजी) के प्रदेश अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल के सहारनपुर आगमन के पश्चात संगठन से मोह भंग हुए व्यपारियो ने अपना सदस्यता शुल्क वापिस मांगा, जिसको लेकर प्रदेश के महामंत्री, संगठन मंत्री, मण्डल, जिला, नगर व युवा इकाइयों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया, इस्तीफा देने के बाद सभी सदस्यो ने प्रदेश अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल पर संगठन में पद बेचने के आरोप लगाए।
एक ही दिन में प्रदेश अध्यक्ष के सहारनपुर में होने के पश्चात प्रदेश पदाधिकारियों सहित पूरे मण्डल, जिला, नगर व युवा इकाई के सामूहिक त्याग पत्र ने संगठन की पोल खोली, देर सवेर और जनपद भी आ सकते है इसकी चपेट में, संगठन में बड़ी टूट का खतरा गहराया।
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल कुछ लोगो से गोपनीय तरीके से मिलने सहारनपुर आये थे जिसकी जानकारी स्थानीय संगठन के लोगो को नही थी जब इसकी भनक संगठन को लोगो को लगी उसके पश्चात सगठन के लोगो ने बनवारी लाल कंछल को फोन तक किये, बताया जाता है कि उन्होंने फोन नही उठाये, जबकि काफी समय से संगठन
में खींची तलवारों को लेकर तथा सदस्यो द्वारा अपनी दी गई सदस्यता शुल्क वापिस मांगने के साथ उन पर पद के आरोप लगाते हुए प्रदेश महामंत्री सरदार जसवंत सिंह बत्रा, संगठन मंत्री ईश्वर गोयल सहित सभी पदाधिकारियों ने सामूहिक त्यागपत्र देने की घोषणा कर डाली, यही नही सभी पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष दरअसल संगठन नही दुकान की तरह ही संगठन चलाना चाहते है,
हालांकि इन सामूहिक त्यागपत्रो को देने के बाद पूरे प्रदेश में हड़कम्प मच गया और कई अन्य प्रदेश पदाधिकारियों ने भी अब संगठन छोड़ने की बात कही बताई जा रही है। फिलहाल बनवारी लाल कंछल सदस्यता शुल्क वापिस न करने के चक्कर मे व्यापारियों से भी नही मिले और बचते नज़र आये इसी से क्षुब्ध पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल के संगठन से उनके द्वारा त्यागपत्र देने की जानकारी कल ही सोशल मीडिया पर दे दी गयी थी, बहरहाल फिलहाल बनवारी लाल कंछल गुट के पदाधिकारियों द्वारा
सामूहिक त्यागपत्र दिए जाने के पश्चात फिर से एक बार संगठन का अस्तित्व संकट में आ गया है, जिसको देख कर व्यापारी जगत के राजनीतिक पंडितों के कहना है कि बनवारी लाल कंछल गुट का संगठन एक डूबता जहाज है। वही पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल त्यागी ने बताया कि पिछले दिनों सर्किट हाउस में भी सदस्यता शुल्क का मामला बनवारी लाल कंछल के समक्ष उठाया गया था तब भी प्रदेश
अध्यक्ष ने अपनी गलती मानी थी जिसके बाद मामला रफ दफा हुआ था। अब एक प्रश्न फिर से त्यागपत्र देने के बाद उठा कि आखिर बनवारी लाल कंछल गोपनीय तरीके से बिना सूचना दिए सहारनपुर आये, कुछ तो वजह रही होगी जिसके कारण व्यापारिक संगठन में इतिहास की सबसे बड़ी टूट फूट हुई और प्रदेश संगठन हाशिये पर आ गया बताया जा रहा है। वही किसी की दो लाइन भी क्या खूब है।
चढ़ते हुए सूरज को ढलते देखा
सुबह के बाद काली रात को बदलते देखा,
अक्सर लोग भूल जाते है अपनी शख्सियत
बड़े बड़े तख्तों को वक्त की आंधियों में पलटते देखा
जिसमे हुनर है अपने साथियो को साथ लेकर चलने का
उनको तिनको के सहारे भी समंदर पार करते देखा।
हीरो का जहाँ कोई मोल नही पाया,
वहाँ खोटे सिक्के को भी चलते देखा!
खबर सूत्रों के हवाले से


